साल में सिर्फ दो इंजेक्शन: एचआईवी से बचाव का सस्ता विकल्प बनी भारतीय जेनेरिक दवा, अमेरिका ने दी मंजूरी- Just two injections year Indian generic drug emerges affordable option for HIV prevention approved by US
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- साल में सिर्फ दो इंजेक्शन: एचआईवी से बचाव का सस्ता विकल्प बनी भारतीय जेनेरिक दवा, अमेरिका ने दी मंजूरी- Just two injections year Indian generic drug emerges affordable option for HIV prevention approved by US
रेड्डीज लैबोरेटरीज के बनाए इस इंजेक्शन को साल में सिर्फ दो बार लगवाना होगा। इसे 120 निम्न और मध्यम आय वाले देशों में करीब 40 डॉलर (3,790 रुपये) सालाना कीमत पर उपलब्ध कराने की तैयारी है। गिलियड ने किया रॉयल्टी-मुक्त लाइसेंस समझौता मूल दवा निर्माता गिलियड साइंसेज ने कई जेनेरिक कंपनियों के साथ रॉयल्टी-मुक्त लाइसेंस समझौते किए हैं। उच्च जोखिम वाले लोगों पर हुए दो अध्ययनों में इस इंजेक्शन से नए एचआईवी संक्रमण लगभग खत्म होने के नतीजे सामने आए। यह रोजाना ली जाने वाली बचाव की गोलियों का सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। हालांकि, इस्तेमाल से पहले एचआईवी जांच जरूरी होगी। मूल दवा के मुकाबले बेहद सस्ता होगा भारतीय संस्करण गिलियड के मूल इंजेक्शन येजटुगो की सालाना कीमत करीब 28,218 डॉलर (24.5 लाख रुपये) है। ऐसे में भारतीय जेनेरिक संस्करण काफी सस्ता विकल्प साबित हो सकता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद की पहल मंदिर समिति ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को जीवनसाथी तलाशने में मदद के उद्देश्य से यह शिविर शुरू किया है। समिति के मुताबिक, आवेदनों की छंटनी के बाद योग्य जोड़ों के बीच संपर्क कराया जाएगा। 22 नवंबर के बाद हर रविवार को ऐसे शिविर लगाने की भी तैयारी है। ये भी पढ़ें: अमेरिका मध्यावधि चुनाव: आज होंगे मतदान, प्रतिनिधि सभा की 435 और सीनेट की 35 सीटों के लिए वोटिंग दुनिया में 4.1 करोड़ लोग एचआईवी के साथ जी रहे विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पिछले साल दुनिया में 4.1 करोड़ लोग एचआईवी के साथ जी रहे थे और इससे संबंधित कारणों से 5.7 लाख लोगों की मौत हुई थी।