केंद्र सरकार ने कोहिमा, अगरतला और भुवनेश्वर में तीन नए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) खोले हैं।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- केंद्र सरकार ने कोहिमा, अगरतला और भुवनेश्वर में तीन नए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) खोले हैं।
- तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)
- कोहिमा, अगरतला, भुवनेश्वर में तीन नए एफआरआरओ अधिसूचित।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
कोहिमा, अगरतला, भुवनेश्वर में तीन नए एफआरआरओ अधिसूचित।
देश में अब कुल 20 विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय।
विदेशियों की यात्रा सुगम बनाने, कानून लागू करने का लक्ष्य।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र ने कोहिमा (नगालैंड), अगरतला (त्रिपुरा) और भुवनेश्वर (ओडिशा) में तीन नए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) अधिसूचित किए हैं। इसके साथ ही देश में ऐसे कार्यालयों की कुल संख्या 20 हो गई है।
एफआरआरओ कार्यालय नेटवर्क के विस्तार का दोहरा उद्देश्य है- विदेशियों की भारत में वैध यात्रा व प्रवास को सुविधाजनक बनाना और आव्रजन कानूनों व सुरक्षा आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से लागू करना।
पर्यटन, चिकित्सा और शिक्षा के लिए भारत आने वाले विदेशियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को हर राज्य की राजधानी में एक एफआरआरओ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद 2025 से जयपुर, चंडीगढ़, आइजल (मिजोरम), अमरावती (आंध्र प्रदेश) और गुवाहाटी में पांच नए एफआरआरओ काम करना शुरू कर चुके हैं।
सरकारी बयान के अनुसार, हाल ही में कोहिमा (नगालैंड), अगरतला (त्रिपुरा) और भुवनेश्वर (ओडिशा) में तीन नए एफआरआरओ कार्यालय अधिसूचित किए गए हैं। पहले कोहिमा व अगरतला, एफआरआरओ कोलकाता के अधिकार क्षेत्र में थे; जबकि भुवनेश्वर, एफआरआरओ हैदराबाद के अधिकार क्षेत्र में था।
सरकार बिहार, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और मेघालय सहित बाकी राज्यों में एफआरआरओ नेटवर्क के और विस्तार पर विचार कर रही है।