ईडी ने मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा के खिलाफ कथित लोन धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। यह मामला LIC HFL को हुए 1322 करोड़ रुपये के नुकसान से जुड़ा है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- ईडी ने मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा के खिलाफ कथित लोन धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। ...और पढ़ें
- 'लोन फ्रॉड' में मीडिया दिग्गज सुभाष चंद्रा।
- ईडी ने सुभाष चंद्रा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया।
'लोन फ्रॉड' में मीडिया दिग्गज सुभाष चंद्रा।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
ईडी ने सुभाष चंद्रा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया।
मामला LIC HFL को 1322 करोड़ रुपये के लोन धोखाधड़ी से जुड़ा।
चंद्रा पर झूठे नेटवर्थ सर्टिफिकेट जमा करने का आरोप है।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ईडी ने उनके खिलाफ मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज किया है। यह मामला कथित लोन धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसके कारण लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (एलआइसीएचएफएल) को 1322 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई सीबीआई की एफआईआर का संज्ञान लेते हुए प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत की गई है। सुभाष चंद्रा पर आरोप है कि उन्होंने एलआइसीएचएफएल से कुल 980 करोड़ रुपये के दो लोन की मंजूरी लेने और उन्हें हासिल करने के लिए अपनी कुल संपत्ति को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया तथा झूठे नेटवर्थ सर्टिफिकेट जमा किए।
अगस्त में दर्ज शिकायत के अनुसार, इन लोन पर डिफॉल्ट होने के कारण 1322 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। एलआइसीएचएफएल की शिकायत पर सीबीआई ने पहले ही मामला दर्ज किया था, जिसके आधार पर ईडी ने अब यह कदम उठाया है।
दूसरी ओर, 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड' के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि ईडी द्वारा दर्ज किया गया यह मामला सुभाष चंद्रा के खिलाफ उनकी व्यक्तिगत क्षमता में है और इसका कंपनी या उसके कामकाज से कोई लेना-देना नहीं है।
एलआईसीएचएफएल का आरोप है कि डीजेएम एंड कंपनी और एमपीजे एंड कंपनी के जरिये उनकी नेटवर्थ 40 हजार करोड़ से 59 हजार करोड़ रुपये तक दिखाई गई थी।