हैदराबाद पुलिस ने एक बड़े अंतर-राज्यीय अवैध एग डोनेशन रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 43 महिलाओं को बचाया गया। इस गिरोह में जरूरतमंद महिलाओं को ग्राहकों की पसंद के आधार पर फंसाया जाता था।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- हैदराबाद पुलिस ने एक बड़े अंतर-राज्यीय अवैध एग डोनेशन रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 43 महिलाओं को बचाया गया। ...और पढ़ें
- जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
- डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। हैदराबाद के मल्काजगिरी पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़े अंतर-राज्यीय अवैध एग डोनेशन रैकेट का पर्दाफाश किया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, जरूरतमंद महिलाओं को अलग-अलग राज्यों से लाकर ग्राहकों की मांग के मुताबिक जैसे जाति, धर्म, रंग, कद, शिक्षा और क्षेत्र के आधार पर चुना जाता था।
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। हैदराबाद के मल्काजगिरी पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़े अंतर-राज्यीय अवैध एग डोनेशन रैकेट का पर्दाफाश किया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, जरूरतमंद महिलाओं को अलग-अलग राज्यों से लाकर ग्राहकों की मांग के मुताबिक जैसे जाति, धर्म, रंग, कद, शिक्षा और क्षेत्र के आधार पर चुना जाता था।
पुलिस ने कई ठिकानों पर छापामारी कर 43 महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला है, इस मामले में हॉस्टल संचालक समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार देश के कई राज्यों में फैले हुए थे। मुख्य आरोपी अमित शर्मा और उसके सहयोगी अन्य राज्यों के अवैध एजेंटों के साथ व्हाट्सएप ग्रुप और डिजिटल माध्यमों से जुड़े रहते थे।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
जब भी कोई दंपती एग डोनर की तलाश में संपर्क करता, तो उसकी पसंद के अनुसार महिलाओं की तस्वीरें और विवरण इन ग्रुपों में साझा किए जाते थे।
सैदुलु ने बताया कि आरोपी आर्थिक तंगी से जूझ रही महिलाओं की लाचारी का फायदा उठाकर इस अवैध धंधे को चला रहे थे।
जांच में खुलासा हुआ है कि ग्राहकों की मांग जितनी खास होती थी, महिलाओं को मिलने वाला पैसा और एजेंटों की फीस उतनी ही बढ़ जाती थी। आमतौर पर महिलाओं को प्रति साइकिल 20000 से 30000 रुपये देने का वादा किया जाता था।
वहीं, गोरे रंग, विशेष जाति या शैक्षणिक योग्यता जैसी चुनिंदा मांगों के लिए यह रकम 50000 तक पहुंच जाती थी। अधिकांश ग्राहक डोनर के रंग-रूप और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि को लेकर खास मांग रखते थे।
महिलाओं को पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, दिल्ली, असम, उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा जैसे सात राज्यों से हैदराबाद लाया गया था। गिरोह ने इन महिलाओं को रखने के लिए वर्किंग विमेन हॉस्टलों को अपना ठिकाना बनाया हुआ था।