Shopping Craze: गांवों के Gen Z कैसे बदल रहे खरीदारी का ट्रेंड, AI और सोशल मीडिया का कितना असर?
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- अब गांवों के Gen Z सिर्फ जरूरत का सामान नहीं खरीद रहे, बल्कि अपनी पसंद, खर्च और खरीदारी का तरीका भी बदल रहे हैं। खाने-पीने की चीजों से लेकर हेल्थ, ग्रूमिंग और ऑनलाइन शॉपिंग तक में युवाओं की दिलचस्पी बढ़ रही है। इतना ही नहीं, प्रोडक्ट खोजने के लिए AI और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की मदद भी ली जा रही है। WPP Media और Kantar की Rural Barometer Report 2026 में ग्रामीण उपभोक्ताओं के इस बदलते व्यवहार को समझाया गया है। रिपोर्ट जून 2026 में 12 राज्यों के समूहों के ग्रामीण मोबाइल यूजर्स पर किए गए सर्वे पर आधारित है। इसकी तुलना फरवरी 2025 के आंकड़ों से की गई है। आइए समझते हैं रिपोर्ट की अहम बातें... 1
- खरीदारी में Gen Z सबसे आगे ग्रामीण मोबाइल यूजर्स में 33 फीसदी हिस्सेदारी 18 से 29 साल के युवाओं की है। ये हर महीने औसतन 19 कैटेगरी के प्रोडक्ट खरीदते हैं। फरवरी 2025 में यह आंकड़ा 17 था। वहीं, 30 से 45 साल के लोग 18 और 45 साल से अधिक उम्र के लोग औसतन 17 कैटेगरी के सामान खरीदते हैं। 2
- खाने-पीने और ग्रूमिंग पर बढ़ा खर्च ग्रामीण युवाओं की खरीदारी में कंवीनियंस फूड की हिस्सेदारी 27 फीसदी बढ़ी है। हेल्थ और वेलनेस पर खर्च में 36 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि पर्सनल ग्रूमिंग की खरीदारी 9 फीसदी बढ़ी है। इससे पता चलता है कि युवा अब रोजमर्रा की जरूरतों के साथ अपनी सेहत और पर्सनल केयर पर भी ध्यान दे रहे हैं। 3
खरीदारी में Gen Z सबसे आगे ग्रामीण मोबाइल यूजर्स में 33 फीसदी हिस्सेदारी 18 से 29 साल के युवाओं की है। ये हर महीने औसतन 19 कैटेगरी के प्रोडक्ट खरीदते हैं। फरवरी 2025 में यह आंकड़ा 17 था। वहीं, 30 से 45 साल के लोग 18 और 45 साल से अधिक उम्र के लोग औसतन 17 कैटेगरी के सामान खरीदते हैं। 2
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
खाने-पीने और ग्रूमिंग पर बढ़ा खर्च ग्रामीण युवाओं की खरीदारी में कंवीनियंस फूड की हिस्सेदारी 27 फीसदी बढ़ी है। हेल्थ और वेलनेस पर खर्च में 36 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि पर्सनल ग्रूमिंग की खरीदारी 9 फीसदी बढ़ी है। इससे पता चलता है कि युवा अब रोजमर्रा की जरूरतों के साथ अपनी सेहत और पर्सनल केयर पर भी ध्यान दे रहे हैं। 3
इंटरनेट पर रोज करीब दो घंटे ग्रामीण Gen Z रोजाना औसतन 115 मिनट ऑनलाइन बिताते हैं, जबकि ग्रामीण आबादी का औसत 93 मिनट है। युवा अब 39 फीसदी ऑनलाइन खरीदारी करते हैं। पूरी ग्रामीण आबादी में यह आंकड़ा 30 फीसदी है। 4
AI बन रहा खरीदारी का नया जरिया ग्रामीण Gen Z के 60 फीसदी युवा AI आधारित फीचर्स इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीण आबादी में यह आंकड़ा 52.6 फीसदी है। इनमें 29.3 फीसदी लोग प्रोडक्ट की फोटो से ऑनलाइन सामान खोजते हैं, 25.5 फीसदी फोटो फिल्टर और 23.2 फीसदी वॉइस-टू-टेक्स्ट का इस्तेमाल करते हैं। 5
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
इन्फ्लुएंसर्स की सलाह पर खरीदारी ग्रामीण Gen Z के 40.9 फीसदी लोग ऑनलाइन इन्फ्लुएंसर्स को फॉलो करते हैं। इनमें 77.3 फीसदी उनकी सलाह पर भरोसा करते हैं। 55.5 फीसदी कंटेंट देखने के बाद कुछ कदम उठाते हैं, जबकि 14.7 फीसदी सीधे प्रोडक्ट खरीदते हैं। 6
हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट की मांग ग्रामीण भारत के 83 फीसदी से ज्यादा लोग स्थानीय भाषा में कंटेंट को जरूरी मानते हैं। 63.9 फीसदी लोग हिंदी में और 46.9 फीसदी अपनी क्षेत्रीय भाषा में कंटेंट देखते हैं। महिलाओं में क्षेत्रीय भाषा का कंटेंट देखने वालों की हिस्सेदारी 55 फीसदी है। 7
खरीदारी में महिलाएं पुरुषों से आगे ग्रामीण महिलाएं हर महीने औसतन 18.4 कैटेगरी के सामान खरीदती हैं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 18.1 है। महिलाओं की खरीदारी में 1.3 कैटेगरी की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पुरुषों में यह बढ़ोतरी 0.8 रही। 8
ऑनलाइन बाजार में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ग्रामीण महिलाओं में ऑनलाइन खरीदारी करने वालों की हिस्सेदारी 20 फीसदी से बढ़कर 29 फीसदी हो गई है। वहीं, इन्फ्लुएंसर्स को फॉलो करने वाली 14.4 फीसदी महिलाएं उनका कंटेंट देखने के बाद प्रोडक्ट खरीदती हैं। पुरुषों में यह आंकड़ा 11.1 फीसदी है।