रिपब्लिकन पार्टी के कांग्रेस के दोनों सदनों में नियंत्रण खोने के बाद वाइल्स ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. इस हार से व्हाइट हाउस में ट्रंप के कार्यकाल के आख़िरी दो साल के एजेंडे को झटका लगा है.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- रिपब्लिकन पार्टी के कांग्रेस के दोनों सदनों में नियंत्रण खोने के बाद वाइल्स ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था
- इस हार से व्हाइट हाउस में ट्रंप के कार्यकाल के आख़िरी दो साल के एजेंडे को झटका लगा है
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की ऐतिहासिक हार के बाद स्टीफ़न मिलर को अपना नया चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ नियुक्त किया है
इस हार से व्हाइट हाउस में ट्रंप के कार्यकाल के आख़िरी दो साल के एजेंडे को झटका लगा है
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की ऐतिहासिक हार के बाद स्टीफ़न मिलर को अपना नया चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ नियुक्त किया है
मिलर ट्रंप की सख़्त इमिग्रेशन नीति तैयार करने वाले प्रमुख लोगों में से एक हैं
मिलर की नियुक्ति के साथ ही सूज़ी वाइल्स की जगह एक नया चेहरा व्हाइट हाउस में इस अहम पद की ज़िम्मेदारी संभालेगा
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
रिपब्लिकन पार्टी के कांग्रेस के दोनों सदनों में नियंत्रण खोने के बाद वाइल्स ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था
इस हार से व्हाइट हाउस में ट्रंप के कार्यकाल के आख़िरी दो साल के एजेंडे को झटका लगा है
पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वाइल्स ने "बहुत अच्छा काम किया है", लेकिन "कभी-कभी हमें बदलाव करने पड़ते हैं"
ट्रंप के क़रीबी सहयोगी और डिप्टी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ मिलर सोमवार से नई ज़िम्मेदारी संभालेंगे. 41 साल के मिलर ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी वरिष्ठ सलाहकार के तौर पर काम कर चुके हैं
मिलर उन चुनिंदा सहयोगियों में शामिल हैं जिन्होंने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद भी ट्रंप का साथ नहीं छोड़ा था