सरकार गिराने के लिए 30 करोड़ का ऑफर?: विधायक तोड़ने की कोशिश में अन्नाद्रमुक नेता गिरफ्तार, अदालत ने किया रिहा- Former Madurai Deputy Mayor and aiadml leader PM Mannan arrested for bribing TVK MLA court orders his release
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- मदुरै में तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) विधायक को रिश्वत देने की कोशिश के आरोप में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) नेता और मदुरै के पूर्व डिप्टी मेयर पी.एम
- मन्नन को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद अदालत ने उन्हें राहत देते हुए 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। आरोप है कि मन्नन ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान टीवीके विधायक को सरकार के खिलाफ वोट देने के लिए 15 से 30 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी। विधायक को पैसे देकर सरकार गिराने की कोशिश का आरोप मदुरै सिटी सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने शुक्रवार सुबह पी.एम
- मन्नन को हिरासत में लिया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने मदुरै सेंट्रल से टीवीके विधायक मधर बदरुद्दीन, जिन्हें मुस्तफा के नाम से भी जाना जाता है, को अपने पक्ष में करने की कोशिश की। इसके लिए 15 से 30 करोड़ रुपये देने की बात कही गई थी। बताया जा रहा है कि यह पेशकश विधायक के सहायक कानी के जरिए की गई थी। चार घंटे से ज्यादा चली पूछताछ मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई थी। पुलिस उपायुक्त एम.पी
मन्नन को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद अदालत ने उन्हें राहत देते हुए 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। आरोप है कि मन्नन ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान टीवीके विधायक को सरकार के खिलाफ वोट देने के लिए 15 से 30 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी। विधायक को पैसे देकर सरकार गिराने की कोशिश का आरोप मदुरै सिटी सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने शुक्रवार सुबह पी.एम
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
मन्नन को हिरासत में लिया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने मदुरै सेंट्रल से टीवीके विधायक मधर बदरुद्दीन, जिन्हें मुस्तफा के नाम से भी जाना जाता है, को अपने पक्ष में करने की कोशिश की। इसके लिए 15 से 30 करोड़ रुपये देने की बात कही गई थी। बताया जा रहा है कि यह पेशकश विधायक के सहायक कानी के जरिए की गई थी। चार घंटे से ज्यादा चली पूछताछ मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई थी। पुलिस उपायुक्त एम.पी
दिव्या की अगुवाई में टीम ने मन्नन से चार घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित सौदे के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और विधायक को अपने पक्ष में करने की योजना किसने बनाई थी। अदालत ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल पूछताछ के बाद पुलिस मन्नन को मदुरै जिला अदालत लेकर पहुंची। वहां न्यायाधीश जोसेफ जॉय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने से इनकार कर दिया और 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने पुलिस से सवाल किया कि जब मन्नन को 7 नवंबर को पूछताछ के लिए पेश होने का नोटिस पहले ही दिया जा चुका था, तो उन्हें शुक्रवार को ही गिरफ्तार करने की जरूरत क्यों पड़ी? अदालत की इस टिप्पणी के बाद मन्नन को राहत मिल गई। शनिवार सुबह फिर पुलिस के सामने होंगे पेश रिहाई के बाद मन्नन ने अदालत के बाहर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वह शनिवार सुबह 10 बजे अपराध शाखा के सामने पेश होंगे और पूछताछ में शामिल होंगे। विधायक के सहायक से भी पूछताछ इस मामले में विधायक के सहायक कानी से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है। कानी ने ही इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अब कथित फोन बातचीत और आवाज की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का मकसद यह पता लगाना है कि विधायक को पैसे देने की पेशकश किसके कहने पर की गई और इसके पीछे पूरा गिरोह क्या था। टीवीके का आरोप- सरकार गिराने की हो रही कोशिश सत्ताधारी टीवीके का आरोप है कि उसके विधायकों को पैसों का लालच देकर पार्टी से तोड़ने की कोशिश की जा रही है। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री सी
जोसेफ विजय की अगुवाई वाली सरकार को अस्थिर करने के लिए यह सब किया जा रहा है। गौरतलब है कि सत्ता संभालने के कुछ ही दिनों बाद मई में टीवीके सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल किया था। अब इस कथित रिश्वत मामले ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। पलानीस्वामी ने बताया झूठा मामला दूसरी ओर, एआईएडीएमके महासचिव एडप्पाडी के
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
पलानीस्वामी ने मन्नन की गिरफ्तारी का विरोध किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश लिखकर इसे टीवीके सरकार की पुलिस द्वारा बनाया गया झूठा मामला बताया। उन्होंने मन्नन की तुरंत रिहाई की मांग करते हुए सरकार पर सस्ती राजनीति करने का आरोप लगाया। पलानीस्वामी का कहना है कि टीवीके अपने ही नाराज विधायकों को संभाल नहीं पा रही है। पार्टी के कई विधायक अलग-अलग सत्ता केंद्रों के बीच फंसे हुए हैं और मुख्यमंत्री तक अपनी बात नहीं पहुंचा पा रहे हैं। ऐसे में सत्ताधारी पार्टी मदुरै सेंट्रल के विधायक को आगे करके इस तरह की कहानी बना रही है। ये भी पढ़ें: मतुआ समुदाय का इंतजार होगा खत्म?: सीएम शुभेंदु अधिकारी बोले- 31 दिसंबर तक सभी पात्र लोगों को मिलेगी नागरिकता टीवीके पर भी विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप पलानीस्वामी ने टीवीके पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी खुद सत्ता में आने से पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त में शामिल रही है। उन्होंने दावा किया कि टीवीके ने अपने सहयोगी दल एएमएमके के एक विधायक का अपहरण कर उनसे जबरन हस्ताक्षर करवाए थे। उन्होंने टीवीके सरकार को 'सिनेमा रील सरकार' बताते हुए कहा कि पुरानी तमिल फिल्मों की तरह पीड़ित को ही दोषी ठहराने की कोशिश न की जाए। पलानीस्वामी ने चेतावनी दी कि सरकार की असलियत जल्द ही जनता के सामने आ जाएगी।