नासिक टीसीएस केस में इम्तियाज जलील मुख्य आरोपी?: मंत्री संजय शिरसाट बोले- जाएंगे जेल, कॉल रिकॉर्ड पर किया दावा
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- नासिक टीसीएस कार्यालय में कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले में महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील को मुख्य आरोपी बताया है। उन्होंने कॉल रिकॉर्ड और आवाज के नमूनों के मेल खाने का दावा किया। जलील ने सह-आरोपी बनाए जाने की बात स्वीकार की, लेकिन आरोपों की जानकारी नहीं होने की बात कही। आखिर इस मामले में जलील की क्या भूमिका बताई जा रही है? क्या जांच में उनके खिलाफ सबूत मिले हैं? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं..
- महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज कार्यालय में कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। शिवसेना नेता और राज्य के मंत्री संजय शिरसाट ने एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया है। उन्होंने दावा किया कि जांच में जलील के कॉल रिकॉर्ड और आवाज के नमूने मेल खा रहे हैं। शिरसाट ने यहां तक कहा कि जलील को जेल जाना पड़ेगा। दूसरी ओर, जलील ने माना है कि उन्हें इस मामले में सह-आरोपी बनाया गया है, लेकिन उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों की जानकारी नहीं होने की बात कही है।
- टीसीएस ने पहले ही स्पष्ट किया था कि कंपनी किसी भी तरह के उत्पीड़न या दबाव के प्रति लंबे समय से जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। कंपनी ने यह भी बताया था कि नासिक कार्यालय में कथित यौन उत्पीड़न में शामिल बताए गए कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में अब पुलिस की जांच के साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। एक ओर मंत्री शिरसाट जलील की भूमिका पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर जलील ने शिरसाट को ही चुनौती दी है। फिलहाल, आरोपों की सच्चाई और जलील की भूमिका जांच के नतीजों तथा आगे की कानूनी कार्रवाई से स्पष्ट होगी।
महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज कार्यालय में कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। शिवसेना नेता और राज्य के मंत्री संजय शिरसाट ने एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया है। उन्होंने दावा किया कि जांच में जलील के कॉल रिकॉर्ड और आवाज के नमूने मेल खा रहे हैं। शिरसाट ने यहां तक कहा कि जलील को जेल जाना पड़ेगा। दूसरी ओर, जलील ने माना है कि उन्हें इस मामले में सह-आरोपी बनाया गया है, लेकिन उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों की जानकारी नहीं होने की बात कही है।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
टीसीएस ने पहले ही स्पष्ट किया था कि कंपनी किसी भी तरह के उत्पीड़न या दबाव के प्रति लंबे समय से जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। कंपनी ने यह भी बताया था कि नासिक कार्यालय में कथित यौन उत्पीड़न में शामिल बताए गए कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में अब पुलिस की जांच के साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। एक ओर मंत्री शिरसाट जलील की भूमिका पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर जलील ने शिरसाट को ही चुनौती दी है। फिलहाल, आरोपों की सच्चाई और जलील की भूमिका जांच के नतीजों तथा आगे की कानूनी कार्रवाई से स्पष्ट होगी।