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भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

महंगी मिसाइलों का किफायती तोड़, कैसे काम करता है ग्लाइड बम; अमेरिका और भारत का प्लान तैयार

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: गुरु, 5 नव॰ 2026, 01:35 pm
समाचार एजेंसी Dainik Jagran
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महंगी मिसाइलों का किफायती तोड़, कैसे काम करता है ग्लाइड बम; अमेरिका और भारत का प्लान तैयार
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यूक्रेन संकट ने महंगे हथियारों पर निर्भरता की कमी उजागर की है, जिसके चलते दुनिया भर की वायु सेनाएं अब मिसाइलों के किफायती विकल्प, ग्लाइड बमों पर काम कर रही हैं।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • यूक्रेन संकट ने महंगे हथियारों पर निर्भरता की कमी उजागर की है, जिसके चलते दुनिया भर की वायु सेनाएं अब ...और पढ़ें
  • महंगे मिसाइलों का किफायती विकल्प हैं ग्लाइड बम।
  • अमेरिका ERAM कार्यक्रम के तहत नए ग्लाइड बम बना रहा।

महंगे मिसाइलों का किफायती विकल्प हैं ग्लाइड बम।

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

अमेरिका ERAM कार्यक्रम के तहत नए ग्लाइड बम बना रहा।

भारत DRDO स्वदेशी SAAW, गौरव ग्लाइड बम विकसित कर रहा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूक्रेन संकट और पश्चिम एशिया में जारी लंबे संघर्षों ने आधुनिक युद्धनीति की एक बड़ी कमजोरी उजागर कर दी है- महंगे हथियारों पर अत्याधिक निर्भरता।

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

बिना आमने सामने की लड़ाई में लंबी दूरी से लक्ष्यों को तबाह करने के लिए मिसाइलें बेहद कारगर तो हैं, लेकिन महीनों खिंचने वाले युद्ध में इनका अंधाधुंध इस्तेमाल किसी भी देश का रक्षा बजट बिगाड़ सकता है।

इसी वित्तीय और रणनीतिक दबाव के बीच दुनिया भर की वायु सेनाएं अब मिसाइलों के एक किफायती विकल्प ग्लाइड बम पर तेजी से काम कर रही है।

इसी रणनीति के तहत अमेरिकी वायु सेना ने अपने एक्सटेंडेड रेंज अटैक म्यूनिशन कार्यक्रम के तहत नए बिना इंजन वाले ग्लाइड बम विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया है। वहीं भारत का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन भी स्वदेशी तकनीकों के दम पर इस क्षेत्र में लंबी छलांग लगा चुका है।

अमेरिकी वायु सेना ने लाइफ साइकिल मैनेजमेंट सेंटर के स्टैंड इन स्ट्राइक डिवीजन ने ERAM प्रोजेक्ट के तहत अनपावर्ड ग्लाइड बम और पावर्ड (इंजन वाले) विकल्पों के विकास की रूपरेखा तैयार की है।

यह प्रस्तावित बम लगभग 500 पाउंड वजनी होगा। इसमें करीब 50 किलोग्राम विस्फोटक वाला विशेष वॉरहेड लगाया जाएगा, जो लक्ष्य के अंदर तक घुसकर धमाका करने और टुकड़ों में बिखरने में सक्षम होगा।

रिपोर्टिंग स्रोत: Dainik Jagran मूल रिपोर्ट देखें

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