LIVE गुरु, 5 नव॰ 2026
ई-पेपर
सत्यमेव जयते • The Voice of Independent Journalism • 24x7 Digital Media
TAAZAWIRE
ताज़ा वायर • राष्ट्रीय डिजिटल दैनिक
गुरुवार, 5 नवंबर 2026 • विक्रम संवत 2083 | राष्ट्रीय दैनिक
ताज़ा हलचल:
मार्केट लाइव:
सेंसेक्स (BSE) 79,376.58 +2458.68 (+3.20%)
निफ्टी 50 24,568.2 +757.40 (+3.18%)
सोना (24K) ₹78,850 +240
चांदी (1kg) ₹93,400/kg +450
पेट्रोल (दिल्ली) ₹94.72/L
डीजल ₹87.62/L
USD/INR ₹94.49
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store
cricket तथ्य सत्यापित (Fact Checked) 2 मिनट का समय 0 बार पढ़ा गया
भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

हेल्थ की बात: साधारण नमक की टेंशन छोड़िए, आ गया 'हार्ट फ्रेंडली' नमक; दिल और किडनी दोनों रहेंगी हेल्दी

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: बुध, 4 नव॰ 2026, 08:01 pm
समाचार एजेंसी Amar Ujala
यह ख़बर सुनें (AI ऑडियो) ऑडियो

प्ले बटन दबाकर पूरी ख़बर आवाज़ में सुनें

हेल्थ की बात: साधारण नमक की टेंशन छोड़िए, आ गया 'हार्ट फ्रेंडली' नमक; दिल और किडनी दोनों रहेंगी हेल्दी
इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store

नई रिसर्च के मुताबिक, साधारण नमक की जगह पोटैशियम युक्त नमक का इस्तेमाल करने से दुनियाभर में हर साल करीब 30 लाख मौतें और एक करोड़ से ज्यादा दिल व किडनी की बीमारियों के मामले रोके जा सकते हैं।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • दुनियाभर में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता देखा जा रहा है। कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को हार्ट हेल्थ को लेकर सावधानी बरतते रहने की सलाह दे रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिल की सेहत को ठीक रखने के लिए ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल और शुगर को कंट्रोल रखना जरूरी है। इसके साथ भोजन में नमक की मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है। ज्यादा नमक यानी सोडियम खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है जिससे हार्ट अटैक की समस्या हो सकती है। ज्यादा नमक सिर्फ हार्ट ही नहीं किडनी की सेहत के लिए भी मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया,  रोजाना खाने में इस्तेमाल होने वाले साधारण नमक की जगह अगर पोटैशियम मिला नमक इस्तेमाल किया जाए, तो इससे दिल की बीमारियों के खतरे को काफी कम किय जा सकता है। अगर दुनियाभर के देश इस बदलाव को अपनाते हैं, तो हर साल करीब 30 लाख लोगों की जान बचाई जा सकती है।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह अध्ययन ज्यादा नमक खाने से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए नई रणनीतियां तैयार करने की दिशा में एक अच्छी शुरुआत हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया,  रोजाना खाने में इस्तेमाल होने वाले साधारण नमक की जगह अगर पोटैशियम मिला नमक इस्तेमाल किया जाए, तो इससे दिल की बीमारियों के खतरे को काफी कम किय जा सकता है। अगर दुनियाभर के देश इस बदलाव को अपनाते हैं, तो हर साल करीब 30 लाख लोगों की जान बचाई जा सकती है।

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह अध्ययन ज्यादा नमक खाने से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए नई रणनीतियां तैयार करने की दिशा में एक अच्छी शुरुआत हो सकती है।

नेचर हेल्थ मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं,  हाई ब्लड प्रेशर का असर सिर्फ दिल पर ही नहीं पड़ता, बल्कि इससे किडनी को भी नुकसान हो सकता है। दरअसल, लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर किडनी की बेहद बारीक खून की नसों और उन छोटी-छोटी इकाइयों पर दबाव डालता है, जो खून को छानकर शरीर से गंदगी और अतिरिक्त पानी बाहर निकालने का काम करती हैं। इससे धीरे-धीरे किडनी की काम करने की क्षमता कमजोर हो सकती है।

द जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ के वरिष्ठ प्रोफेसर ब्रूस नील कहते हैं साधारण नमक की जगह पोटैशियम युक्त नमक अपनाने से सेहत को बड़े फायदे मिल सकते हैं। दुनियाभर में साधारण नमक की जगह पोटैशियम वाले नमक का इस्तेमाल शुरू करना फिलहाल एक बड़ा लक्ष्य जरूर है, लेकिन यह एक अच्छी शुरुआत हो सकती है। खास बात यह है कि इस तरीके से कम खर्च में ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचाया जा सकता है।

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

अगर लोग सिर्फ घर में खाना बनाने और खाने के दौरान इस्तेमाल होने वाले साधारण नमक की जगह पोटैशियम युक्त नमक अपनाते हैं, तब भी बड़ा फायदा हो सकता है। दुनियाभर में सिर्फ घरों में इस्तेमाल होने वाले नमक को बदलने से हर साल करीब 18.5 लाख मौतों के अलावा दिल और किडनी की बीमारियों के 60 लाख से ज्यादा नए मामलों को रोका जा सकता है।

विशेषज्ञों ने इस नमक को लेकर एक जरूरी चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि पोटैशियम युक्त नमक हर व्यक्ति के लिए सही विकल्प नहीं है। खासतौर पर जो लोग पहले से ही गंभीर रूप से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं, उन्हें इसके इस्तेमाल को लेकर खास सावधानी बरतनी चाहिए।

द जॉर्ज इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ प्रोफेसर और किडनी रोग विशेषज्ञ विवेक झा कहते हैं, गंभीर किडनी बीमारी से पीड़ित लोगों को इस तरह के बदलाव से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। पोटैशियम वाला नमक अपनाने से पहले अपनी सेहत और किडनी की स्थिति को समझना भी जरूरी है। अगर आप स्वस्थ हैं तो इस एक बदलाव से आप बड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम कर सकते हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

रिपोर्टिंग स्रोत: Amar Ujala मूल रिपोर्ट देखें

💬 इस ख़बर पर आपकी क्या राय है?

अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करें (1-क्लिक वोट)

यह जानकारी कैसी लगी? अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:

इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)

📢 ऐसी ही हर बड़ी ताज़ा ख़बर सीधे टेलीग्राम पर पाएं

बिना किसी देरी के सबसे पहले अपडेट्स के लिए हमारे ग्रुप से जुड़ें।

चैनल जॉइन करें
TaazaWire App Icon

TaazaWire App FREE

1-क्लिक में होमस्क्रीन पर जोड़ें और सबसे तेज़ ख़बरें पायें