नीट और यूजीसी नेट पेपर लीक के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) अपनी साख बचाने और छात्रों का भरोसा जीतने के लिए नए उपाय अपना रही है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- नीट और यूजीसी नेट पेपर लीक के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) अपनी साख बचाने और छात्रों का भरोसा जीतने के लिए नए उपाय अपना रही है।
- एनटीए छात्रों का भरोसा जीतने के लिए नए उपाय अपना रहा है।
- एनटीए छात्रों का भरोसा जीतने के लिए नए उपाय अपना रहा है।
एनटीए छात्रों का भरोसा जीतने के लिए नए उपाय अपना रहा है।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
एनटीए छात्रों का भरोसा जीतने के लिए नए उपाय अपना रहा है।
परीक्षाओं से जुड़ी प्रत्येक जानकारी छात्रों के साथ साझा की जा रही है।
आवेदन में गलतियों से बचने के लिए छात्रों को सतर्क किया जा रहा है।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक व यूजीसी नेट की गड़बड़ियों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की साख को जो झटका लगता था, उससे उबरने व छात्रों- अभिभावकों का भरोसा फिर से जीतने के लिए अब नए-नए उपायों को अपनाने में जुटा है।
जिसमें पहली बार परीक्षाओं से जुड़ी प्रत्येक जानकारी को जहां छात्रों के साथ वह साझा कर रहा है, वहीं उन्हें आवेदन के दौरान किन-किन गलतियों से बचना से उससे भी सतर्क कर रहा है।
वैसे तो पेपर लीक से पहले ही एनटीए में सुधार को लेकर गठित कस्तूरीरंगन कमेटी ने ही एनटीए को परीक्षाओं से जुड़ी पारदर्शिता व छात्रों से साथ जुड़ाव मजबूत करने जैसी पहल पर जोर दिया था।
लेकिन इसकी शुरूआत नीट पेपर लीक के बाद इस बार देखने को मिल रहा है। इसकी शुरूआत यूजीसी नेट के दिसंबर सत्र से की है। जिसमें आवेदकों को उससे जुड़ी प्रत्येक जानकारी दी गई।
साथ ही उन्हें बताया गया कि इसकी अंतिम तारीख खत्म होने में कितने दिन बाकी बचे है। अब तक कितने लोगों ने आवेदन कर दिए है। जिसमें कितने आवेदनों की फीस अब तक नहीं भरी गई या कितनी की फोटो नहीं अपलोड है।