फिनलैंड के वैज्ञानिकों की स्टडी में पाया गया है कि ज्यादा मीट और डेयरी प्रोटीन लेने वाले पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का लेवल अपेक्षाकृत कम था। वहीं, दालों, नट्स और बीजों जैसे प्लांट प्रोटीन लेने वालों में यह थोड़ा अधिक मिला।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- शरीर को स्वस्थ और फिट रखने में हार्मोन्स की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हार्मोन्स शरीर में बनने वाले कैमिकर मैसेंजर होते हैं। ये शरीर के अंगों और कोशिकाओं को निर्देश देते हैं कि कब और क्या करना है? मतलब अगर हार्मोन्स में कोई दिक्कत हो जाए तो इससे शरीर के बीच संदेश का आदान-प्रदान प्रभावित हो सकता है।
- टेस्टोस्टेरोन लेवल को लेकर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि जो पुरुष अपने भोजन में मीट और डेयरी उत्पादों से ज्यादा प्रोटीन लेते हैं, उनमें टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर अपेक्षाकृत कम हो सकता है। इसके उलट, जिन पुरुषों के आहार में दालों, अनाज, नट्स और बीजों जैसे पौधों से मिलने वाले प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, उनमें टेस्टोस्टेरोन का स्तर थोड़ा ज्यादा पाया गया।
- फिनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्टर्न फिनलैंड के शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन में 42 से 60 साल की उम्र के 2,546 पुरुषों को शामिल किया। इन सभी पुरुषों के खानपान को अध्ययन किया गया। इसके बाद उन्हें इस आधार पर चार समूहों में बांटा गया कि वे अपने भोजन से कितना प्रोटीन पशु स्रोतों और कितना पौधों से प्राप्त करते हैं?
टेस्टोस्टेरोन लेवल को लेकर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि जो पुरुष अपने भोजन में मीट और डेयरी उत्पादों से ज्यादा प्रोटीन लेते हैं, उनमें टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर अपेक्षाकृत कम हो सकता है। इसके उलट, जिन पुरुषों के आहार में दालों, अनाज, नट्स और बीजों जैसे पौधों से मिलने वाले प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, उनमें टेस्टोस्टेरोन का स्तर थोड़ा ज्यादा पाया गया।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
फिनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्टर्न फिनलैंड के शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन में 42 से 60 साल की उम्र के 2,546 पुरुषों को शामिल किया। इन सभी पुरुषों के खानपान को अध्ययन किया गया। इसके बाद उन्हें इस आधार पर चार समूहों में बांटा गया कि वे अपने भोजन से कितना प्रोटीन पशु स्रोतों और कितना पौधों से प्राप्त करते हैं?
पुरुषों के लिए क्यों जरूरी है टेस्टोस्टेरोन हार्मोन?
टेस्टोस्टेरोन पुरुषों की सेहत के लिए सबसे जरूरी हार्मोन्स में से एक है। यह सिर्फ यौन इच्छा को नियंत्रित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों में इसकी भूमिका होती है। यह हार्मोन मांसपेशियों के विकास, हड्डियों को मजबूत रखने, शरीर में ऊर्जा का स्तर बनाए रखने और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। लाल रक्त कोशिकाएं शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती हैं।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
शोधकर्ताओं ने जब आंकड़ों का विश्लेषण किया, तो कुछ और महत्वपूर्ण बातें सामने आईं।
जिन पुरुषों के भोजन में डेयरी उत्पादों से मिलने वाले प्रोटीन की मात्रा अधिक थी, उनमें कुल टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम पाया गया। खासतौर पर फर्मेंटेड डेयरी उत्पादों के सेवन के साथ ये दिक्कत ज्यादा देखने को मिली। फर्मेंटेड डेयरी उत्पाद बनाने में गुड बैक्टीरिया की मदद से दूध को किण्वित किया जाता है। दही और कुछ प्रकार के चीज इसके उदाहरण हैं।
इसके विपरीत, पौधों से मिलने वाले प्रोटीन का अधिक सेवन करने वाले पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अपेक्षाकृत ज्यादा पाया गया। खासतौर पर अनाज के अलावा दूसरे पौधों से मिलने वाले प्रोटीन, जैसे सब्जियां, दालें, नट्स और बीजों का सेवन ज्यादा फायदेमंद पाया गया।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि पशु और पौधों से मिलने वाले प्रोटीन का टेस्टोस्टेरोन के स्तर से असर क्यों अलग-अलग था?
Associations of dietary proteins with serum total testosterone and male hormone-binding globulin concentrations in middle-aged men