LIVE मंगल, 3 नव॰ 2026
ई-पेपर
सत्यमेव जयते • The Voice of Independent Journalism • 24x7 Digital Media
TAAZAWIRE
ताज़ा वायर • राष्ट्रीय डिजिटल दैनिक
मंगलवार, 3 नवंबर 2026 • विक्रम संवत 2083 | राष्ट्रीय दैनिक
ताज़ा हलचल:
मार्केट लाइव:
सेंसेक्स (BSE) 76,917.85 +1225.07 (+1.62%)
निफ्टी 50 23,810.85 +370.05 (+1.58%)
सोना (24K) ₹78,850 +240
चांदी (1kg) ₹93,400/kg +450
पेट्रोल (दिल्ली) ₹94.72/L
डीजल ₹87.62/L
USD/INR ₹94.73
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store
breaking तथ्य सत्यापित (Fact Checked) 2 मिनट का समय 0 बार पढ़ा गया
भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

'किसी जगह पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकते': दिल्ली प्रदर्शन पर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने और क्या कहा?

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: सोम, 2 नव॰ 2026, 07:53 pm
समाचार एजेंसी Amar Ujala
यह ख़बर सुनें (AI ऑडियो) ऑडियो

प्ले बटन दबाकर पूरी ख़बर आवाज़ में सुनें

'किसी जगह पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकते': दिल्ली प्रदर्शन पर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने और क्या कहा?
इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store

'किसी जगह पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकते': दिल्ली प्रदर्शन पर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने और क्या कहा? supreme-court-delhi-jantar-mantar-protest-traders-plea-cec-festive-season-cannot-occupy-any-place-indefinitely

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • 'किसी जगह पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकते': दिल्ली प्रदर्शन पर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने और क्या कहा? supreme-court-delhi-jantar-mantar-protest-traders-plea-cec-festive-season-cannot-occupy-any-place-indefinitely

मोहना की पीठ मंगलवार को कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इनमें किराना कमेटी दिल्ली की याचिका भी शामिल है। संगठन ने रामलीला मैदान में जारी प्रदर्शन के कारण कारोबार प्रभावित होने का दावा किया है। सीजेआई ने की सख्त टिप्पणी सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "आप किसी जगह पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकते। किसान, पत्रकार और दूसरे लोग फिर कहां जाएंगे? हर किसी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। इसके लिए तय समय और निर्धारित अवधि होनी चाहिए।" पीठ व्यापारियों की याचिका के साथ कथित सामूहिक हिरासत, पुलिस की बर्बरता, मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और इंटरनेट सेवा बंद किए जाने से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई कर रही थी। पीठ ने व्यापारिक संगठनों से कहा कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन आयोजित करने वाले संगठनों को भी अपनी याचिका में पक्षकार बनाएं। व्यापारियों ने प्रदर्शन के कारण कारोबार को हुए नुकसान का हवाला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'प्रदर्शन करने वाले संगठनों को बनाएं पक्षकार' व्यापारियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि प्रदर्शन स्थल के आसपास के इलाकों में करीब 50 लाख लोग रहते हैं। उन्होंने दावा किया कि सभी दुकानें बंद हैं और आज कनॉट प्लेस (सीपी) में भी कोई नहीं है। इस पर पीठ ने कहा कि जब तक व्यापारिक संगठन प्रदर्शन कर रहे सभी संगठनों को मामले में पक्षकार नहीं बनाएंगे, तब तक अदालत इन मुद्दों पर फैसला नहीं कर सकती। मामले में सुनवाई जारी है। इससे पहले 15 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और 12 विपक्षी नेताओं की ओर से दायर याचिका पर चुनाव आयोग और अन्य पक्षों से जवाब मांगा था। इस याचिका में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया गया था।

रिपोर्टिंग स्रोत: Amar Ujala मूल रिपोर्ट देखें

💬 इस ख़बर पर आपकी क्या राय है?

अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करें (1-क्लिक वोट)

यह जानकारी कैसी लगी? अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:

इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)

📢 ऐसी ही हर बड़ी ताज़ा ख़बर सीधे टेलीग्राम पर पाएं

बिना किसी देरी के सबसे पहले अपडेट्स के लिए हमारे ग्रुप से जुड़ें।

चैनल जॉइन करें
TaazaWire App Icon

TaazaWire App FREE

1-क्लिक में होमस्क्रीन पर जोड़ें और सबसे तेज़ ख़बरें पायें