दिवाली के पावन अवसर पर पूर्वोत्तर के इस प्रमुख राज्य ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता 60% से बढ़ाकर 63% कर दिया है। 1 जुलाई 2026 से लागू इस फैसले के एरियर और नवंबर की सैलरी में भुगतान की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- त्योहारी सीजन और दिवाली के शुभ अवसर पर पूर्वोत्तर के एक प्रमुख राज्य की सरकार ने अपने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा आर्थिक तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। इस नए फैसले के बाद राज्य में डीए और डीआर की दर 60 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 63 प्रतिशत हो गई है। सबसे खास बात यह है कि यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होगी। राज्य के मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस दिवाली बोनांजा का ऐलान किया, जिससे हजारों सेवारत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की दीवाली की खुशियां दोगुनी हो गई हैं।
- यह बड़ा और राहत देने वाला फैसला पूर्वोत्तर भारत के सीमांत राज्य अरुणाचल प्रदेश की सरकार द्वारा लिया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से इस नीतिगत निर्णय की आधिकारिक जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री खांडू ने लिखा, "मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि अरुणाचल प्रदेश सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही डीए और डीआर की दर 1 जुलाई 2026 से 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गई है।"
- राज्य सरकार के इस फैसले का दायरा काफी व्यापक है और यह केवल नियमित राज्य कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू के अनुसार, इस 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का सीधा फायदा राज्य सरकार के अधीन कार्यरत सभी नियमित कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को मिलेगा। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार के तहत अपनी सेवाएं दे रहे अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों और अरुणाचल प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर तैनात केंद्र सरकार के कर्मचारियों को भी इस संशोधित डीए और डीआर दर का पूरा लाभ दिया जाएगा।
यह बड़ा और राहत देने वाला फैसला पूर्वोत्तर भारत के सीमांत राज्य अरुणाचल प्रदेश की सरकार द्वारा लिया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से इस नीतिगत निर्णय की आधिकारिक जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री खांडू ने लिखा, "मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि अरुणाचल प्रदेश सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही डीए और डीआर की दर 1 जुलाई 2026 से 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गई है।"
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
राज्य सरकार के इस फैसले का दायरा काफी व्यापक है और यह केवल नियमित राज्य कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू के अनुसार, इस 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का सीधा फायदा राज्य सरकार के अधीन कार्यरत सभी नियमित कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को मिलेगा। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार के तहत अपनी सेवाएं दे रहे अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों और अरुणाचल प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर तैनात केंद्र सरकार के कर्मचारियों को भी इस संशोधित डीए और डीआर दर का पूरा लाभ दिया जाएगा।
चूंकि यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी गई है, इसलिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के पिछले चार महीनों का बकाया भुगतान किया जाएगा। जुलाई से लेकर अक्टूबर तक के 4 महीने के इस एरियर का भुगतान नकद रूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह एरियर राशि सीधे सेवारत कर्मचारियों के वेतन खातों और पेंशनभोगियों व पारिवारिक पेंशनभोगियों के पेंशन खातों में डायरेक्ट क्रेडिट की जाएगी।
त्योहारों के मद्देनजर कर्मचारियों को अपनी वित्तीय योजनाएं बनाने में आसानी होगी। संशोधित 63 प्रतिशत डीए और डीआर का नियमित भुगतान नवंबर 2026 महीने के वेतन और पेंशन के साथ जमा किया जाएगा। यानी नवंबर के वेतन के साथ ही कर्मचारियों को 4 महीने का बकाया एरियर भी एकमुश्त मिल जाएगा।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
त्योहारी सीजन के ठीक पहले लिया गया यह फैसला राज्य के हजारों परिवारों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता साबित होगा। महंगाई के दौर में 3 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि और 4 महीने का नकद एरियर मिलने से कर्मचारियों व पेंशनभोगियों की क्रय शक्ति में इजाफा होगा। इससे न केवल स्थानीय बाजारों में त्योहारी खरीदारी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि कर्मचारियों के मनोबल में भी बढ़ोतरी होगी।