दिवाली के दिन शेयर बाज़ार में सामान्य क़ारोबार बंद रहता है. लेकिन बाज़ार कुछ समय के लिए खुलता है और लोग शेयर ख़रीदते-बेचते हैं. इस ख़ास सत्र को ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ कहते हैं. आइए जानते हैं मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है और ये क्यों शुरू हुई.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
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- दिवाली के दिन शेयर बाज़ार में सामान्य कारोबार बंद रहता है
- इसके बावजूद बाज़ार कुछ समय के लिए खुलता है और लोग शेयर ख़रीदते और बेचते हैं
दिवाली के दिन शेयर बाज़ार में सामान्य कारोबार बंद रहता है
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
इसके बावजूद बाज़ार कुछ समय के लिए खुलता है और लोग शेयर ख़रीदते और बेचते हैं
इस ख़ास सत्र को 'मुहूर्त ट्रेडिंग' कहते हैं
त्योहार के दिन होने वाला यह क़ारोबार केवल शेयरों की ख़रीद-बिक्री नहीं है
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
बहुत लोगों की ऐसी मान्यता है कि दिवाली में कारोबार का यह समय शुभ होता है
इसलिए अरसे से नई शुरुआत करने, पूजा करने और नए कारोबारी साल का स्वागत करने की यह परंपरा चली आ रही है
डीआर चोकसी फ़िनसर्व के प्रबंध निदेशक देवेन चोकसी कहते हैं कि इसकी कहानी शुभ मुहूर्त में कुछ नया ख़रीदने की परंपरा से जुड़ी है
उनके मुताबिक़, दिवाली और धनतेरस पर लोग कोई नई चीज़ ख़रीदकर घर लाते हैं
कुछ लोग किताबें ख़रीदते हैं तो कुछ धातु से बनी चीज़ें