17वीं सदी में जब मुग़ल बादशाह जहांगीर ने अहमदाबाद में प्रवास किया, तब यहां की असहनीय गर्मी, धूल भरे वातावरण और फैली हुई बीमारी से वे बेहद नाराज़ हो गए थे. उन्होंने अहमदाबाद को कई नकारात्मक नाम दिए थे.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- "इस शहर के संस्थापक को इस जगह में ऐसा कौन सा सौंदर्य दिखाई दिया कि उन्होंने यहां शहर बसाया? इसके अलावा, दूसरे बादशाहों ने भी यहां अपनी ज़िंदगी के कीमती साल कैसे बिताए होंगे? यह मेरी कल्पना से भी परे है
- यहां गर्म हवाएं चलती हैं और पानी की कमी रहती है."
- "मैं इस शहर को गर्दाबाद (धूल से भरा शहर) तो कह ही चुका हूं
यहां गर्म हवाएं चलती हैं और पानी की कमी रहती है."
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
"मैं इस शहर को गर्दाबाद (धूल से भरा शहर) तो कह ही चुका हूं
यहां का पानी बेहद ख़राब है और पीने लायक नहीं है."
"शहर के पास बहने वाली नदी मानसून को छोड़कर बाकी समय सूखी रहती है
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
तालाबों का पानी धोबियों ने कपड़े धो-धोकर छाछ जैसा बना दिया है."
वे बरसात का पानी जमा करके पूरे साल इस्तेमाल करते हैं
ऐसा पानी, जिसमें बाहर की हवा न लगी हो, सेहत के लिए नुक़सानदेह है."
"शहर के बाहर की ज़मीन हरियाली की बजाय कांटों (थोर) से ढकी हुई है
इन कांटों के ऊपर से बहने वाली हवा का असर सब जानते हैं