इसराइल की 120 सदस्यीय संसद में सरकार बनाने के लिए 61 सांसदों का समर्थन ज़रूरी है. अरब दलों के पास 19 सीटें हैं. उनके समर्थन के बाद आइज़नकोट के पक्ष में 67 सांसदों का समर्थन होने का अनुमान है, जो बहुमत के आंकड़े से 6 अधिक है.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- इसराइल में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं
- पूर्व सेना प्रमुख और विपक्षी नेता गादी आइज़नकोट को अरब पार्टियों का समर्थन मिलने के बाद सत्ता का समीकरण बदलता नज़र आ रहा है
- न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, गुरुवार को राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग के साथ राजनीतिक दलों की सलाह-मशविरा प्रक्रिया के दौरान अरब दलों ने आइज़नकोट को समर्थन देने का एलान किया
पूर्व सेना प्रमुख और विपक्षी नेता गादी आइज़नकोट को अरब पार्टियों का समर्थन मिलने के बाद सत्ता का समीकरण बदलता नज़र आ रहा है
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, गुरुवार को राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग के साथ राजनीतिक दलों की सलाह-मशविरा प्रक्रिया के दौरान अरब दलों ने आइज़नकोट को समर्थन देने का एलान किया
इसराइल की 120 सदस्यीय संसद में सरकार बनाने के लिए 61 सांसदों का समर्थन ज़रूरी है
उनके समर्थन के बाद आइज़नकोट के पक्ष में 67 सांसदों का समर्थन होने का अनुमान है, जो बहुमत के आंकड़े से 6 अधिक है
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
वहीं, मौजूदा प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को बड़ा झटका लगा है, उनके पुरानी सहयोगी अति-रूढ़िवादी पार्टी यूनाइटेड टोरा जूडिज्म (यूटीजे) के एक धड़े ने भी उन्हें समर्थन देने से इनकार कर दिया है
राम पार्टी के नेता मंसूर अब्बास ने गुरुवार को आइज़नकोट को समर्थन देने की घोषणा की
इस दौरान अब्बास ने 'टू स्टेट सोल्यूशन' और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गज़ा प्लान के लिए अपना समर्थन भी दोहराया
उन्होंने हमास समेत सभी सैन्य और सशस्त्र संगठनों को निरस्त्र करने की मांग की
राम पार्टी इससे पहले नफ्ताली बेनेट के नेतृत्व वाली सरकार को भी बाहर से समर्थन दे चुकी है.