केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने फ्यूचर रिटेल लिमिटेड और उसके प्रमोटर किशोर बियानी के खिलाफ 904.32 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में FIR दर्ज की है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने फ्यूचर रिटेल लिमिटेड और उसके प्रमोटर किशोर बियानी के खिलाफ 904.32 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में FIR दर्ज की है।
- CBI का किशोर बियानी पर बैंक धोखाधड़ी का केस
- जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
CBI का किशोर बियानी पर बैंक धोखाधड़ी का केस
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने 904.32 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में फ्यूचर रिटेल लिमिटेड और उसके प्रमोटर किशोर बियानी के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है।
एजेंसी ने शुक्रवार को मुंबई में किशोर बियानी के कई ठिकानों पर छापेमारी कर जांच से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए। उनके भाई राकेश बियानी को भी मामले में आरोपित बनाया गया है।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
सीबीआई के प्रवक्ता के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) की स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट ब्रांच-तृतीय, मुंबई की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर में किशोर बियानी, राकेश बियानी, कंपनी के प्रमोटरों, प्रबंध निदेशकों, कार्यकारी निदेशकों और गारंटरों के साथ कुछ अज्ञात लोक सेवकों तथा अन्य व्यक्तियों को आरोपित किया गया है। इन पर धोखाधड़ी के लिए आपराधिक साजिश रचने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध करने का आरोप है।
सीबीआइ के मुताबिक, आरोपियों ने एसबीआइ और नौ अन्य बैंकों के समूह से ऋण सुविधाएं हासिल करने के लिए कथित तौर पर साजिश रची।
जांच एजेंसी का आरोप है कि बैंक से मिले कर्ज का इस्तेमाल उन उद्देश्यों के लिए नहीं किया गया, जिनके लिए उसे मंजूरी मिली थी। इसके बजाय कंपनी ने अपनी सहयोगी कंपनियों और संबद्ध इकाइयों के माध्यम से धन दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया, जिससे बैंकों को नुकसान हुआ।
एजेंसी के अनुसार, 23 मार्च, 2026 को धोखाधड़ी घोषित होने के बाद से एसबीआइ को अनुमानित नुकसान 904.32 करोड़ रुपये था। इसके साथ 1,331.91 करोड़ रुपये का अनुमानित ब्याज भी शामिल है, जिससे कुल नुकसान 2,236.23 करोड़ रुपये हो जाता है।