भारतीय मूल की नित्या रमन लॉस एंजिल्स की पहली भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई मेयर चुनी गई हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उन्हें बधाई देते हुए भारत के शहरी शासन में मेयरों के सीमित अधिकारों पर सवाल उठाए।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- भारतीय मूल की नित्या रमन लॉस एंजिल्स की पहली भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई मेयर चुनी गई हैं। कांग्रेस सांसद शशि ...और पढ़ें
- नित्या रमन लॉस एंजिल्स की पहली भारतीय-अमेरिकी मेयर बनीं।
- शशि थरूर ने भारतीय मेयरों के सीमित अधिकारों पर सवाल उठाए।
नित्या रमन लॉस एंजिल्स की पहली भारतीय-अमेरिकी मेयर बनीं।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
शशि थरूर ने भारतीय मेयरों के सीमित अधिकारों पर सवाल उठाए।
नित्या ने बेघर लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर लॉस एंजिल्स में भारतीय मूल की नित्या रमन ने नया इतिहास रच दिया है। केरल के तिरुवनंतपुरम में जन्मी नित्या रमन लॉस एंजिल्स की पहली भारतीय-अमेरिकी और पहली दक्षिण एशियाई मेयर चुनी गई हैं।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने नित्या रमन को लॉस एंजिल्स की मेयर चुने जाने पर बधाई दी। साथ ही उन्होंने इस जीत का इस्तेमाल भारत के शहरों में मेयरों को मिलने वाले सीमित अधिकारों की आलोचना करने के लिए भी किया।
वरिष्ठ कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने नित्या रमन को जीत की शुभकामनाएं दीं और इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका के दो सबसे बड़े शहरों का जिक्र करते हुए न्यूयॉर्क के जोहरान ममदानी का भी उल्लेख किया और कहा कि दोनों प्रमुख शहरों की कमान अब भारतीय मूल के हाथों में होगी।
थरूर ने 'X' पर लिखा, 'तिरुवनंतपुरम की बेटी, नित्या रमन, लॉस एंजिल्स की नई मेयर हैं।' इसके साथ ही थरूर ने भारत के शहरों में मेयरों को मिलने वाले सीमित अधिकारों पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने लिखा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि वे भारत के अपने समकक्षों की तुलना में कहीं बेहतर काम करेंगी। भारत में बिट्रिशकालीन औपनिवेशिक व्यवस्था के कारण मेयरों के पास कोई वास्तविक अधिकार नहीं होते, अधिकार और बजट अलग-अलग विभागों में बंटे हैं, जिसके चलते यहां के मेयर अपने शहरों को प्रभावी ढंग से चलाने में असमर्थ रहते हैं।'
भारत के अधिकतर महानगरों में मेयर केवल औपचारिक प्रमुख होते हैं, जबकि वास्तविक प्रशासनिक और बजटीय नियंत्रण राज्य सरकार द्वारा नियुक्त वरिष्ठ नौकरशाह यानी नगर आयुक्त के हाथों में होता है।