फ़िल्में बनाना कितना चुनौतीपूर्ण हो गया है, कमाई के तरीक़े कैसे बदले हैं और हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री किस दिशा में बढ़ रही है? सिनेमा के कारोबार पर हमारी सीरीज़ की दूसरी कड़ी में इन्हीं सवालों पर चर्चा.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- इमेज स्रोत, Jonathan Torgovnik/Getty Images
- इस चर्चा में शामिल हैं एक्सेल एंटरटेनमेंट के सीईओ विशाल रामचंदानी, सनशाइन पिक्चर्स के विपुल अमृतलाल शाह, पूजा फ़िल्म्स के जैकी भगनानी और दक्षिण भारतीय फ़िल्म निर्माता दिल राजू
- अगर इनके काम की बात करें तो इन्होंने डॉन फ्रेंचाइज़ी, द केरल स्टोरी और कुली नं. 1 जैसी सफल फ़िल्में बनाई हैं
इस चर्चा में शामिल हैं एक्सेल एंटरटेनमेंट के सीईओ विशाल रामचंदानी, सनशाइन पिक्चर्स के विपुल अमृतलाल शाह, पूजा फ़िल्म्स के जैकी भगनानी और दक्षिण भारतीय फ़िल्म निर्माता दिल राजू
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
अगर इनके काम की बात करें तो इन्होंने डॉन फ्रेंचाइज़ी, द केरल स्टोरी और कुली नं. 1 जैसी सफल फ़िल्में बनाई हैं
वहीं, दिल राजू की आने वाली फ़िल्मों में अक्षय कुमार स्टारर SVC60 और सलमान खान-नयनतारा अभिनीत SVC63 शामिल हैं
एक्सेल एंटरटेनमेंट के सीईओ विशाल रामचंदानी मानते हैं कि, "फ़िल्म बनाने के लिए ये एक रोमांचक समय है
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
उनका कहना है कि यह धारणा काफी हद तक गलत साबित हुई है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने सिनेमाघरों के दर्शकों को छीन लिया है."
वो कहते हैं, "हमने देखा है कि अलग-अलग शैलियों, बजट और भाषाओं की फ़िल्मों को थियेटर में दर्शक मिले हैं
हालांकि, अब चुनौती यह है कि आपको अपनी कहानी और कंटेंट पर पहले से ज़्यादा भरोसा रखना पड़ता है, सिर्फ़ प्री-सेल्स के सहारे नहीं चला जा सकता
आखिरकार, अगर दर्शकों को कोई फ़िल्म देखने लायक लगती है, तो वे उसे देखने जरूर आएंगे."
वहीं, फ़िल्म निर्माता विपुल अमृतलाल शाह का मानना है कि, "फ़िल्म बनाना हमेशा से एक मुश्किल काम रहा है, क्योंकि ऐसा कोई तय फॉर्मूला नहीं है जिससे ये पता चल सके कि दर्शकों को क्या पसंद आएगा इसलिए लगातार बेहतर कहानियों की तलाश करनी पड़ती है."