सीबीएसई ने 2026-27 सत्र की 10वीं और 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन का कार्यक्रम जारी कर दिया है। सामान्य स्कूलों में परीक्षाएं 1 जनवरी 2027 से होंगी।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 10वीं और 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन की तारीखों का एलान कर दिया है। बोर्ड के अनुसार, देश और विदेश में स्थित सभी संबद्ध स्कूलों में सामान्य कार्यक्रम के तहत प्रायोगिक परीक्षाएं 1 जनवरी 2027 से शुरू होंगी। हालांकि, बोर्ड ने उन स्कूलों के लिए अलग कार्यक्रम तय किया है, जो शीतकालीन क्षेत्रों में स्थित हैं। इन इलाकों में जनवरी के दौरान कड़ाके की ठंड के कारण स्कूल बंद रहने की संभावना है। ऐसे में वहां परीक्षाएं पहले ही आयोजित कराई जाएंगी।
- सीबीएसई ने शीतकालीन क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के लिए विशेष व्यवस्था की है। ऐसे स्कूलों में जनवरी के दौरान सर्दी के कारण छुट्टियां रहने की संभावना है। इसलिए 10वीं और 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं और आंतरिक मूल्यांकन 9 नवंबर से 19 दिसंबर 2026 के बीच पूरे कराए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि मौसम के कारण परीक्षा और मूल्यांकन का काम प्रभावित न हो। स्कूलों को निर्धारित समय के भीतर सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
- बोर्ड ने 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन को लेकर विशेष निर्देश दिया है। सीबीएसई के अनुसार, 10वीं के अभ्यर्थियों का आंतरिक मूल्यांकन केवल एक बार आयोजित किया जाएगा। इसलिए सभी संबद्ध स्कूलों को निर्धारित समय के भीतर प्रत्येक विद्यार्थी के आंतरिक मूल्यांकन के अंक भरने होंगे। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी विद्यार्थी का मूल्यांकन छूटने न पाए और सभी अंक तय समय पर अपलोड कर दिए जाएं।
सीबीएसई ने शीतकालीन क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के लिए विशेष व्यवस्था की है। ऐसे स्कूलों में जनवरी के दौरान सर्दी के कारण छुट्टियां रहने की संभावना है। इसलिए 10वीं और 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं और आंतरिक मूल्यांकन 9 नवंबर से 19 दिसंबर 2026 के बीच पूरे कराए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि मौसम के कारण परीक्षा और मूल्यांकन का काम प्रभावित न हो। स्कूलों को निर्धारित समय के भीतर सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
बोर्ड ने 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन को लेकर विशेष निर्देश दिया है। सीबीएसई के अनुसार, 10वीं के अभ्यर्थियों का आंतरिक मूल्यांकन केवल एक बार आयोजित किया जाएगा। इसलिए सभी संबद्ध स्कूलों को निर्धारित समय के भीतर प्रत्येक विद्यार्थी के आंतरिक मूल्यांकन के अंक भरने होंगे। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी विद्यार्थी का मूल्यांकन छूटने न पाए और सभी अंक तय समय पर अपलोड कर दिए जाएं।
सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को प्रायोगिक परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्कूल प्रशासन से कहा है कि वे परीक्षा का कार्यक्रम इस तरह तैयार करें, जिससे दोनों कक्षाओं का मूल्यांकन निर्धारित समय के भीतर पूरा हो सके। स्कूलों को मुख्य रूप से इन बातों का ध्यान रखना होगा:
बोर्ड ने साफ किया है कि स्कूलों को प्रायोगिक परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन की योजना पहले से तैयार करनी चाहिए। इससे दोनों कक्षाओं का मूल्यांकन समय पर पूरा होगा और अंकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपलोड किया जा सकेगा।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
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