आई4सी की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई ने यह भी आगाह किया है कि हमलावर रिकार्ड मिटा देते हैं और अपनी गतिविधियों को छिपाने की कोशिश करते हैं। इससे जांच प्रक्रिया और जटिल हो जाती है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- आई4सी की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई ने यह भी आगाह किया है कि हमलावर रिकार्ड मिटा देते हैं ...और पढ़ें
- एआई की मदद से बैंकों, कंपनियों पर साइबर हमलों का खतरा बढ़ा
- आई4सी ने चेताया- मशीन की गति से लेनदेन कर सकते हैं हैकर
एआई की मदद से बैंकों, कंपनियों पर साइबर हमलों का खतरा बढ़ा
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
आई4सी ने चेताया- मशीन की गति से लेनदेन कर सकते हैं हैकर
एआई एजेंट की मदद से साइबर हमलों को अंजाम दिया जा रहा है
पीटीआई, नई दिल्ली। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और फिनटेक कंपनियों को एआई की मदद से साइबर हमला बढ़ने को लेकर आगाह किया है।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
साइबर सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, इनकी मदद से हैकर सिस्टम में सेंध लगाकर मशीन की गति से धोखाधड़ी वाले लेनदेन कर सकते हैं।
आई4सी की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई ने यह भी आगाह किया है कि हमलावर रिकार्ड मिटा देते हैं और अपनी गतिविधियों को छिपाने की कोशिश करते हैं। इससे जांच प्रक्रिया और जटिल हो जाती है।
वित्तीय संस्थानों को जारी परामर्श में आई4सी और भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन) ने उनसे सीईआरटी-इन के अति गंभीर श्रेणी के परामर्शों में बताए गए उपायों को तत्काल लागू करने को कहा है।
यह कदम एजेंसियों की ओर से बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और फिनटेक कंपनियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी में एआई के इस्तेमाल का चलन देखे जाने के बाद उठाया गया है।
परामर्श में कहा गया है कि इन हमलों का मकसद वित्तीय लाभ हासिल करना है। इन्हें एआई एजेंट की मदद से अंजाम दिया जा रहा है, जिससे सिस्टम में मशीन की गति से सेंध लगाई जा रही है। कुछ मामलों में जरिये करोड़ों रुपये के अनधिकृत लेनदेन सामने आए हैं।