सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इरडा ने मोटर वाहन इंश्योरेंस नियमों में बदलाव किए हैं, जिसके तहत अब व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा अनिवार्य होगा।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इरडा ने मोटर वाहन इंश्योरेंस नियमों में बदलाव किए हैं, जिसके तहत अब व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा अनिवार्य होगा।
- मोटर वाहन इंश्योरेंस के 15 दिसंबर से बदलेंगे नियम
- व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा अब मोटर इंश्योरेंस के साथ अनिवार्य।
मोटर वाहन इंश्योरेंस के 15 दिसंबर से बदलेंगे नियम
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा अब मोटर इंश्योरेंस के साथ अनिवार्य।
इरडा के नए नियम 15 दिसंबर से होंगे देशभर में लागू।
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य, वाहन क्षति बीमा वैकल्पिक।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दोपहिया या कार सवारों को अब मोटर वाहन इंश्योरेंस खरीदारी के दौरान व्यक्तिगत दुर्घटना का बीमा कराना अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मोटर इंश्योरेंस नियम में कई बदलाव किए गए हैं।
इस नियम को भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने सर्कुलर जारी कर आगामी 15 दिसंबर से लागू करने का फैसला किया है। मोटर इंश्योरेंस को पहले के मुकाबले बिल्कुल स्पष्ट बनाने का भी निर्देश दिया गया है।
कंपनियां ग्राहकों को मोटर इंश्योरेंस बेचने के दौरान स्पष्ट रूप से यह लिखित रूप में बताएंगी कि इंश्योरेंस के तहत उन्हें कौन-कौन सी सुविधाएं दी जा रही है। नए नियम के मुताबिक मोटरसाइकिल में पीछे बैठने वाले या कार के दूसरे सवार का दुर्घटना बीमा लेना या नहीं, यह वैकल्पिक होगा।
थर्ट पार्टी इंश्योरेंस को अनिवार्य रखा गया है। लेकिन आपकी मोटरसाइकिल या कार दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है या खो जाती है तो उसका इंश्योरेंस लेना वैकल्पिक होगा।
मतलब ग्राहक चाहे तो इस इंश्योरेंस को नहीं भी ले सकता है। हरेक बीमा के लिए कंपनियां कितना शुल्क ले रही है, इसे साफ तौर पर ग्राहकों को बताना होगा।