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भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

हेल्थ अलर्ट: कई दिनों से नहीं रुक रही खांसी? जान लें कब ये हो सकती है गंभीर बीमारी की वजह

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: बुध, 4 नव॰ 2026, 06:00 am
समाचार एजेंसी Amar Ujala
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हेल्थ अलर्ट: कई दिनों से नहीं रुक रही खांसी? जान लें कब ये हो सकती है गंभीर बीमारी की वजह
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लगातार खांसी आना हमेशा फेफड़ों की समस्या नहीं होती, कभी-कभी यह हार्ट की समस्या का संकेत भी हो सकता है। दिल की पंपिंग क्षमता कमजोर होने पर फेफड़ों में तरल जमा हो सकता है। रात में खांसी, सांस फूलने और सीने में भारीपन जैसे लक्षण दिखें तो जांच कराएं।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • हृदय रोगों का खतरा दुनियाभर में बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और खानपान में गड़बड़ी के अलावा शारीरिक गतिविधियों की कमी इसका सबसे बड़ा कारण है। आमतौर पर लोग सीने में दर्द, सांस फूलने और धड़कन तेज होने को दिल की बीमारी के लक्षण मानते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि लंबे समय तक बनी रहने वाली खांसी भी कभी-कभी हृदय की समस्याओं का संकेत हो सकती है? खासकर जब खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी या सीने में भारीपन महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। .metering_wall_container {min-height:58px;max-height:58px;position:relative;transition:max-height 0.5s ease-in-out;}
  • लगातार खांसी हो सकता है हृदय रोगों का अलार्म
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, हृदय रोगों के कारण दिल की रक्त पंप करने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। हार्ट फेलियर जैसी गंभीर स्थिति में दिल शरीर की जरूरत के अनुसार खून पंप नहीं कर पाता। इसके कारण फेफड़ों में तरल जमा होने लगता है, जिसे पल्मोनरी कंजेशन कहते हैं।

लगातार खांसी हो सकता है हृदय रोगों का अलार्म

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, हृदय रोगों के कारण दिल की रक्त पंप करने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। हार्ट फेलियर जैसी गंभीर स्थिति में दिल शरीर की जरूरत के अनुसार खून पंप नहीं कर पाता। इसके कारण फेफड़ों में तरल जमा होने लगता है, जिसे पल्मोनरी कंजेशन कहते हैं।

अमेरिका के यूटा विश्वविद्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, हार्ट फेलियर के मरीजों में खांसी, थकान और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसलिए लंबे समय से बनी खांसी के साथ अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के मुताबिक, खांसी की बनी रहने वाली समस्या वैसे तो कई बीमारियों में देखी जाती रही है। पर खांसी के कुछ ऐसे संकेत हैं जो  हृदय संबंधी समस्या की आशंका बढ़ा देते हैं। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

ऐसे लक्षण हार्ट फेलियर या फेफड़ों में तरल जमा होने की स्थिति में दिखाई दे सकते हैं। झागदार बलगम और अचानक गंभीर रूप से सांस फूलना आपातकालीन स्थिति का संकेत हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर की मदद लें।

हार्ट के अलावा खांसी के और क्या कारण हैं?

डॉक्टर बताते हैं कि लगातार खांसी होने का मतलब हमेशा हृदय रोग नहीं होता। कई बार सर्दी-जुकाम, एलर्जी, अस्थमा-टीबी जैसी दूसरी समस्याओं में भी आपको खांसी की समस्या होती रहती है। अगर खांसी के साथ सांस फूलने, पैरों में सूजन या लेटने पर सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। खांसी दो से तीन सप्ताह तक बनी रहे तो इसपर गंभीरता से ध्यान देते हुए तुरंत जांच कराएं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

रिपोर्टिंग स्रोत: Amar Ujala मूल रिपोर्ट देखें

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