सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी उत्तर प्रदेश के एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से जवाब मांगा है। यह न्यायाधीश बलात्कार के आरोप के बावजूद पॉक्सो मामलों की सुनवाई कर रहे हैं, जिस पर शीर्ष अदालत ने संज्ञान लिया है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी उत्तर प्रदेश के एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से ...और पढ़ें
- सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म आरोपी जज पर इलाहाबाद HC से मांगा जवाब।
- यूपी के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश पर यौन शोषण का आरोप।
सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म आरोपी जज पर इलाहाबाद HC से मांगा जवाब।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
यूपी के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश पर यौन शोषण का आरोप।
आरोपी जज पॉक्सो मामलों की सुनवाई कर रहे थे।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में दाखिल याचिका पर विचार करने की सहमति दे दी है जिसमें ये आरोप एक न्यायिक अधिकारी पर लगे हैं। मामला उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश से जुड़ा है।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट प्रशासन से इस मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह नोटिस उत्तर प्रदेश के एक न्यायिक अधिकारी के खिलाफ दायर याचिका पर दिया गया है, जो बलात्कार के मामले में आरोपी होने के बावजूद पॉक्सो मामलों का प्रभार संभाल रहे हैं।
मुख्य न्यायधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी
मोहना की बेंच ने आदेश पारित किया है। शुरुआत में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इससे जुड़े मामले में एक याचिका को खारिज कर दिया था। उत्तर प्रदेश के एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश पर एक महिला के यौन शोषण का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील राकेश कुमार सिंह ने पीठ को बताया कि कम से कम उस न्यायाधीश से न्यायिक कार्य तो वापस ले लिया जाना चाहिए, लेकिन इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। पीठ ने एक संक्षिप्त आदेश में कहा कि नोटिस जारी कर जवाब 11 दिसंबर मंगाएं।
याचिकाकर्ता ने आठ दिसंबर 2022 को मयूर विहार पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उसने एक न्यायिक अधिकारी पर आरोप लगाया है, जिससे वह एक मैट्रिमोनियल साइट पर मिली थी। महिला का आरोप है कि उस अधिकारी ने शारीरिक संबंध बनाने के लिए उससे बार-बार शादी करने का झूठा वादा किया।