नवजातों को मिलने वाले मां के दूध की गुणवत्ता पर नजर: आईसीएमआर के सहयोग से एम्स नागपुर की पहल, एकसमान होगा मानक- Monitoring quality of breast milk for newborns An initiative by AIIMS Nagpur in collaboration with ICMR
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- नवजातों को मिलने वाले मां के दूध की गुणवत्ता पर नजर: आईसीएमआर के सहयोग से एम्स नागपुर की पहल, एकसमान होगा मानक- Monitoring quality of breast milk for newborns An initiative by AIIMS Nagpur in collaboration with ICMR
राजीव छाबरा के मुताबिक, समय से पहले जन्म लेने वाले या कम वजन वाले नवजातों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। मां की बीमारी या दूध बनने में देरी के कारण कई बार बच्चे को मां का दूध नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति में मिल्क बैंक से दूसरी स्वस्थ माताओं का दान किया हुआ दूध उपलब्ध कराया जाता है। ये भी पढ़ें: सेहत की बात: हार्ट अटैक से बचना है तो रोज करें ये एक काम, 50% तक कम हो सकता है दिल की बीमारी का खतरा दूध को सुरक्षित बनाने की अपनाई जाती है प्रक्रिया मिल्क बैंक में दान किए गए दूध की पहले जांच की जाती है। इसके बाद उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत गर्म करके सुरक्षित बनाया जाता है और तय तापमान पर रखा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य दूध में मौजूद संभावित हानिकारक सूक्ष्मजीवों के जोखिम को कम करना और नवजातों तक सुरक्षित दूध पहुंचाना है।