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हेल्थ अलर्ट: सिर्फ बीपी-कोलेस्ट्रॉल ही नहीं, शरीर की यह परेशानी भी बन सकती है हार्ट अटैक की वजह

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: रवि, 1 नव॰ 2026, 08:54 pm
समाचार एजेंसी Amar Ujala
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शरीर में लंबे समय तक रहने वाली सूजन दिल की बनावट और कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों के करीब 4.80 लाख लोगों पर किए गए अध्ययन में इंफ्लेमेशन के शिकार समूह वाले लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम 43% अधिक पाया गया।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने हमारी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। यही कारण है कि कम उम्र के लोगों में डायबिटीज से लेकर हृदय रोग और कैंसर तक का खतरा बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बीमारियों से बचे रहने के लिए सिर्फ ब्लड प्रेशर और शुगर पर ध्यान देते रहना काफी नहीं है, सभी लोगों में शरीर में इंफ्लेमेशन को लेकर भी अलर्ट रहना जरूरी है। .metering_wall_container {min-height:58px;max-height:58px;position:relative;transition:max-height 0.5s ease-in-out;}
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने बताया कि शरीर में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन दिल को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती है। इसका असर दिल की मांसपेशियों की बनावट और खून भरने की क्षमता पर पड़ सकता है। एमआरसी लेबोरेटरी ऑफ मेडिकल साइंसेज और इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने अध्ययन में हृदय की इमेजिंग, रक्त जांच और आनुवंशिक जानकारियों का विश्लेषण कर यह खुलासा किया है।
  • शरीर में सूजन बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सामान्य तौर पर संक्रमण या चोट लगने पर इम्यून सिस्टम सूजन पैदा करता है, जिससे शरीर को ठीक होने में मदद मिलती है। लेकिन जब यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रहती है, तो क्रॉनिक इंफ्लेमेशन की स्थिति बन सकती है। चोट या संक्रमण की स्थिति में तो सूजन होना ठीक है पर बिना किसी कारण के बना रहने वाला सूजन स्वास्थ्य के लिए खतरे बढ़ाने वाला हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने बताया कि शरीर में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन दिल को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती है। इसका असर दिल की मांसपेशियों की बनावट और खून भरने की क्षमता पर पड़ सकता है। एमआरसी लेबोरेटरी ऑफ मेडिकल साइंसेज और इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने अध्ययन में हृदय की इमेजिंग, रक्त जांच और आनुवंशिक जानकारियों का विश्लेषण कर यह खुलासा किया है।

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

शरीर में सूजन बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सामान्य तौर पर संक्रमण या चोट लगने पर इम्यून सिस्टम सूजन पैदा करता है, जिससे शरीर को ठीक होने में मदद मिलती है। लेकिन जब यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रहती है, तो क्रॉनिक इंफ्लेमेशन की स्थिति बन सकती है। चोट या संक्रमण की स्थिति में तो सूजन होना ठीक है पर बिना किसी कारण के बना रहने वाला सूजन स्वास्थ्य के लिए खतरे बढ़ाने वाला हो सकता है।

लंबे समय तक शरीर में सूजन रहने से सबसे ज्यादा खतरा दिल और रक्त वाहिकाओं को हो सकता है। सूजन के कारण धमनियों की अंदरूनी परत प्रभावित हो सकती है और उनमें फैटी प्लाक जमा होने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। इससे रक्त का प्रवाह बाधित होने और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। इसका असर केवल दिल तक सीमित नहीं रहता।

क्रॉनिक इंफ्लेमेशन से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि जीवनशैली और आहार में सुधार किया जाए।

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

Chronic stress may trigger hidden inflammation that damages the heart

अस्वीकरण: ये आज के समाचार पत्र में प्रकाशित अंश से लिया गया है। अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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रिपोर्टिंग स्रोत: Amar Ujala मूल रिपोर्ट देखें

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