अभिनेता शाहरुख खान इंडस्ट्री के बादशाह हैं। 61 की उम्र में भी उनकी बादशाहत कायम है। परदे पर उनकी अदाकारी का जादू सभी ने देखा है। मगर, उनके विचार भी प्रभावी हैं। जिंदगी, सफलता-असफलता और दोस्ती-यारी पर किंग खान क्या सोचते हैं? जानिए
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- अपनी अदाकारी के अलावा शाहरुख खान अक्सर अपनी बातों से भी दर्शकों का दिल जीत लेते हैं। हाजिरजवाबी के मामले में उनका जवाब नहीं। वहीं, जिंदगी, परिवार और दोस्ती को लेकर भी उनका नजरिया काफी अलग है, जो दूसरों को भी प्रेरित करता है। सफलता और असफलता पर भी वे ऐसी बातें कहते हैं, जो दूसरों के लिए किसी सीख से कम नहीं हैं। आज 02 नवंबर को शाहरुख के 61वें जन्मदिन के मौके पर जानते हैं शाहरुख खान की कुछ ऐसी बातें, जो जिंदगी का अलग नजरिया पेश करती हैं।
- 'खुद को थामे रखें, जैसे हैं वैसे ही बने रहें'
- साल 2012 में येल यूनिवर्सिटी में शाहरुख खान को 'चब फेलो' चुना गया। इस दौरान शाहरुख ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए अपनी पहचान बनाए रखने की जरूरत पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि मुश्किल समय में खासतौर पर खुद को थामे रखना जरूरी होता है, जब दुनिया किसी इंसान को समझने या पहचानने में नाकाम हो सकती है। शाहरुख खान के मुताबिक, 'जिंदा रहने के लिए आप सिर्फ एक ही चीज कर सकते हैं, आप अंदर से जैसे हैं, वैसे ही बने रहें। दुनिया आपके साथ बुरा बर्ताव करेगी। वह आपको देख नहीं पाएगी। ऐसे समय में आपको खुद को देखना सीखना होगा'।
'खुद को थामे रखें, जैसे हैं वैसे ही बने रहें'
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
साल 2012 में येल यूनिवर्सिटी में शाहरुख खान को 'चब फेलो' चुना गया। इस दौरान शाहरुख ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए अपनी पहचान बनाए रखने की जरूरत पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि मुश्किल समय में खासतौर पर खुद को थामे रखना जरूरी होता है, जब दुनिया किसी इंसान को समझने या पहचानने में नाकाम हो सकती है। शाहरुख खान के मुताबिक, 'जिंदा रहने के लिए आप सिर्फ एक ही चीज कर सकते हैं, आप अंदर से जैसे हैं, वैसे ही बने रहें। दुनिया आपके साथ बुरा बर्ताव करेगी। वह आपको देख नहीं पाएगी। ऐसे समय में आपको खुद को देखना सीखना होगा'।
साल 2015 में एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी ने शाहरुख खान को डॉक्टरेट की डिग्री दी थी। इसे किंग खान ने एक यादगार स्पीच के साथ स्वीकार किया। एक्टर ने कन्फ्यूजन को क्लैरिटी पाने का एक जरूरी हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, 'कन्फ्यूज होना ठीक है। कन्फ्यूजन ही दुनिया में सारी क्लैरिटी का रास्ता है। इसके बारे में ज्यादा चिंता न करें और कभी भी खुद को इतना गंभीर न लें कि आप अपने विचारों को लेकर इतने क्लियर हो जाएं कि दूसरों की राय का सम्मान करना बंद कर दें'। एक्टर ने स्टूडेंट्स को हिम्मत दी कि वे अपनी सोच को लेकर इतने सख्त न बनें कि वे दूसरों की राय का सम्मान करना बंद कर दें।
एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए शाहरुख खान ने करुणा और दया पर बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि दूसरों की मदद करना उन पर कोई एहसान करना नहीं है, बल्कि उस काम में ही खुशी पाना है। शाहरुख खान ने स्पीच के दौरान कहा था, 'दूसरों को अपना सब कुछ दें। जब आप ऐसा कर रहे हों, तो यह भी पक्का कर लें कि आप दयालु बनकर किसी पर कोई एहसान नहीं कर रहे हैं। यह सब बस आपको वह छोटी सी फीलिंग दिलाने के लिए है, जो खुद से पूरी तरह खुश होने से आती है। आखिरकार, आप दूसरों के लिए जो भी मदद, चैरिटी का काम कर रहे हैं, किसी के प्रति दयालुता दिखा रहे हैं उससे सबसे ज्यादा फायदा हमेशा आपको ही मिलेगा'।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
असफलता और असफलता को लेकर भी किंग खान का अलग नजरिया है। वे मानते हैं कि कामयाबी खुशी देती है, लेकिन नाकामयाबी और उस पर आपकी प्रतिक्रिया ही तरक्की की ओर ले जाती है। एक्टर के मुताबिक, 'सफलता एक बहुत अच्छी चीज है, लेकिन यह ऐसा अनुभव नहीं है जिससे हम सीखते हैं। हम इसका आनंद लेते हैं। शायद हम इसके लायक भी हों, लेकिन हम इससे समझदारी नहीं सीखते। शायद इसीलिए इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। अगर आप नाकामयाबी से नहीं डरते, तो आपके कामयाब होने की संभावना कम है। नाकामयाबी का न होना आपको कामयाब नहीं बनाता। नाकामयाबी पर आपका रिएक्शन ही असल में उन मुश्किलों को कम करने में मदद करता है, जिनका आप अनुभव करते हैं'। शाहरुख ने येल यूनिवर्सिटी में अपने भाषण के दौरान यह कहा था।
बहुत अधिक शोहरत और दौलत पाने के बावजूद शाहरुख खान का मानना है कि कोई भी कामयाबी या दौलत इंसानी रिश्तों, करुणा और जरूरत में काम आए लोगों की जगह नहीं ले सकती। शाहरुख खान ने कहा, 'चाहे आप कितने भी अमीर, कामयाब और मशहूर क्यों न हो जाएं, दूसरों की मेहरबानी को कभी कम मत समझो। वे आप पर इसलिए मेहरबान होते हैं, क्योंकि वे आपकी मेहरबानी के हकदार हैं। हो सकता है आप अपने दोस्त को उसके जन्मदिन पर महंगी कार दे दें, लेकिन यह उस दिन का कोई विकल्प नहीं है जब कोई आपके बुरे दिनों में आपकी नाराजगी भरे लेक्चर को सब्र से सुनता है'।
शाहरुख खान के वर्क फ्रंट की बात करें तो उनकी आगामी फिल्म 'किंग है'। यह 24 दिसंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।