दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग और एसआईआर के विरोध में रैली बुलाई है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इससे विपक्ष जो हासिल करना चाहता है, वो हो पाएगा? एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- दिल्ली के रामलीला मैदान में हो रही इंडिया गठबंधन की रैली में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी देखी जा रही है. 'इंडिया ब्लॉक' ने रैली के लिए दस लाख लोगों के राजधानी पहुंचने का दावा किया है
- यह दावा माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने किया है
- लेकिन इस आयोजन से जुड़ा बड़ा राजनीतिक सवाल कांग्रेस और राहुल गांधी के सामने है, क्या वे चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ अपने अभियान के साथ आम लोगों को जोड़ पाएंगे?
यह दावा माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने किया है
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
लेकिन इस आयोजन से जुड़ा बड़ा राजनीतिक सवाल कांग्रेस और राहुल गांधी के सामने है, क्या वे चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ अपने अभियान के साथ आम लोगों को जोड़ पाएंगे?
रैली से एक दिन पहले, 31 अक्तूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर सांकेतिक संसद लगाई गई
यहां मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग वाला प्रस्ताव पारित हुआ
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
राहुल गांधी ने कहा कि लोगों की आवाज़ संसद तक नहीं पहुंचने दी जा रही, इसलिए विपक्ष को बाहर जुटना पड़ा है
कांग्रेस की इस पूरी कोशिश पर नज़र रखने वाले राजनीतिक विश्लेषक का कहना है कि संसद के भीतर अपनी मांग आगे नहीं बढ़ा पाने के बाद विपक्ष अब संसद के बाहर इस पर जनता का साथ चाहता है
इमेज स्रोत, Sonu Mehta/Hindustan Times via Getty Images
रैली के लिए कांग्रेस ने अलग-अलग राज्यों से कार्यकर्ताओं को दिल्ली लाने की तैयारी की है
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी स्टूडेंट्स और सामाजिक संगठनों समेत कई लोगों से रैली में शामिल होने की अपील की है