गुरु का सिंह राशि में गोचर हो चुका है। यहां गुरु और केतु की युति से गुरु चांडाल योग का प्रभाव देखने को मिलेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस गोचर का असर मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ेगा।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- गुरु का सिंह राशि में गोचर हो चुका है। यहां गुरु और केतु की युति से गुरु चांडाल योग का प्रभाव देखने को मिलेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस गोचर का असर मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ेगा।
राकेश झा के अनुसार जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए गुरु गोचर कैसा रहने वाला है। मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर पंचम भाव में हुआ है। इस भाव में गुरु और केतु की युति कारोबार से जुड़े मामलों में कुछ चुनौतियां पैदा कर सकती है, लेकिन इनके बीच लाभ के अवसर भी मिलेंगे। तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। नौकरीपेशा जातक नई नौकरी या कार्यक्षेत्र में बदलाव के बारे में विचार कर सकते हैं। कोई नया काम शुरू करने की योजना भी बन सकती है। लंबी दूरी की यात्रा के योग हैं। हालांकि, प्रेम संबंधों में गलतफहमी और आपसी दूरी बढ़ने की आशंका है। ऐसे में बातचीत के दौरान संयम रखना जरूरी होगा। वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए गुरु का गोचर चतुर्थ भाव में हुआ है। इसके प्रभाव से घर और परिवार से जुड़ी सुख-सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है। नया वाहन खरीदने या वाहन सुख प्राप्त होने के योग बन रहे हैं। भौतिक संसाधनों पर आपका खर्च बढ़ सकता है। हालांकि, इस दौरान माता की सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी होगी। आर्थिक मामलों में आमदनी और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। बिना जरूरत की खरीदारी से बचें और बजट के अनुसार ही फैसले लें। मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों के तीसरे भाव में गुरु का गोचर हुआ है। इस दौरान पारिवारिक और व्यक्तिगत रिश्तों में कुछ तनाव की स्थिति बन सकती है। छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ने की आशंका है, इसलिए अपनों के साथ बातचीत में धैर्य बनाए रखें। नौकरी और करियर के मामलों में भी परिस्थितियां कुछ अस्थिर रह सकती हैं। आर्थिक दृष्टि से यह समय खर्चों को नियंत्रित रखने का संकेत दे रहा है। इसके अलावा अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें और काम के साथ आराम के लिए भी समय निकालें। कर्क राशि कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर दूसरे भाव में हुआ है। इस भाव में गुरु और केतु की युति आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने का संकेत दे रही है। आपकी बचत प्रभावित हो सकती है और अचानक कुछ ऐसे खर्च सामने आ सकते हैं, जिनकी आपने पहले से योजना नहीं बनाई होगी। पारिवारिक जीवन में भी आपसी सहयोग की कमी महसूस हो सकती है। किसी काम से अचानक यात्रा करनी पड़ सकती है। प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई सौदा करने जा रहे हैं तो दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें। जल्दबाजी में आर्थिक फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि के जातकों की कुंडली में गुरु का गोचर प्रथम भाव यानी लग्न भाव में हुआ है। इस कारण आपको मानसिक रूप से कुछ दबाव महसूस हो सकता है। इस दौरान खर्च बढ़ने के साथ स्वास्थ्य संबंधी मामलों में भी सावधानी रखनी होगी। नौकरीपेशा लोगों के मन में कार्यक्षेत्र बदलने या नई नौकरी तलाशने का विचार आ सकता है। हालांकि, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े जातकों को अपने काम में लाभ मिलने के संकेत हैं। राजनीति और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। कोई भी बड़ा निर्णय लेते समय जल्दबाजी न करें। कन्या राशि कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर द्वादश भाव में हुआ है। इस दौरान आपको अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। संक्रमण या अन्य मौसमी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। शिक्षा से जुड़े जातकों को भी पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखनी होगी। काम के प्रति लापरवाही का असर परिणामों पर पड़ सकता है। आर्थिक मोर्चे पर जमा पूंजी खर्च होने की आशंका है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इसलिए अनावश्यक खर्चों से दूरी बनाएं और अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखें। तुला राशि तुला राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर एकादश भाव में हुआ है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस भाव में गुरु और केतु की युति तकनीकी कार्यों से जुड़े लोगों के लिए लाभदायक हो सकती है। नौकरीपेशा जातकों को करियर में आगे बढ़ने का कोई बड़ा अवसर मिल सकता है। आय के नए रास्ते भी खुल सकते हैं। हालांकि, सुख-सुविधाओं और निजी जरूरतों पर खर्च बढ़ने की संभावना है। पारिवारिक जीवन में आपसी मेलजोल और सहयोग बेहतर हो सकता है। यात्रा के भी योग बन रहे हैं। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर दशम भाव में हुआ है। यहां गुरु और केतु की युति कार्यक्षेत्र में कुछ नए बदलाव ला सकती है। नौकरीपेशा लोगों के मन में वर्तमान नौकरी छोड़कर दूसरी जगह जाने का विचार आ सकता है। आर्थिक मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं। पहले किए गए प्रयासों का अच्छा परिणाम मिल सकता है। बिजली, इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी कार्यों से जुड़े जातकों को विशेष फायदा हो सकता है। कूटनीति और रणनीति से जुड़े मामलों में भी आपको सफलता मिलने की संभावना है। धनु राशि धनु राशि के जातकों के लिए गुरु का सिंह राशि में गोचर नवम भाव यानी भाग्य स्थान में हुआ है। यह स्थिति कई मामलों में आपके लिए अवसर लेकर आ सकती है। हालांकि, गुरु के साथ केतु की युति होने के कारण मनचाहे परिणाम पाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। इस दौरान नई तकनीक और कौशल सीखने का मौका मिलेगा। सामाजिक क्षेत्र में मान-सम्मान और उपहार की प्राप्ति हो सकती है। राजनीति से जुड़े लोगों को कोई महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। प्रॉपर्टी से संबंधित मामलों में भी लाभ के योग बन रहे हैं। मकर राशि मकर राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर अष्टम भाव में हुआ है। इस भाव में गुरु और केतु की युति के कारण आपको स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में विशेष सतर्कता बरतनी होगी। वाहन चलाते समय सावधानी रखें और जोखिम भरे कामों से बचें। इस दौरान अचानक कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है, जिससे आपका बजट बिगड़ सकता है। परिवार के किसी सदस्य या करीबी व्यक्ति के व्यवहार से मन दुखी हो सकता है। ऐसे समय में भावनाओं में बहकर कोई निर्णय लेने के बजाय परिस्थितियों को समझने की कोशिश करें। कुंभ राशि कुंभ राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर सप्तम भाव में हुआ है। इस भाव में गुरु और केतु की युति वैवाहिक और व्यावसायिक संबंधों में कुछ चुनौतियां पैदा कर सकती है। जिन लोगों के वैवाहिक रिश्तों में पहले से तनाव चल रहा है, उन्हें विशेष धैर्य रखने की जरूरत होगी। कारोबार में साझेदारों के साथ मतभेद हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी कुछ अनचाहे खर्च सामने आ सकते हैं। हालांकि, नौकरीपेशा जातकों को बोनस या उपहार मिलने की संभावना है। रिश्तों और साझेदारी से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। मीन राशि मीन राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर छठे भाव में हुआ है। इस भाव में गुरु और केतु की युति के कारण आपको कई मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आर्थिक स्थिति पर खर्चों का दबाव बढ़ सकता है और अचानक धन खर्च होने से मानसिक तनाव हो सकता है। यदि आप लोन लेने का प्रयास कर रहे हैं तो उसमें सफलता मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में विरोधियों और प्रतिद्वंद्वियों से सतर्क रहें। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए अपनी सेहत को लेकर लापरवाही न करें। डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।