LIVE रवि, 8 नव॰ 2026
ई-पेपर
सत्यमेव जयते • The Voice of Independent Journalism • 24x7 Digital Media
TAAZAWIRE
ताज़ा वायर • राष्ट्रीय डिजिटल दैनिक
रविवार, 8 नवंबर 2026 • विक्रम संवत 2083 | राष्ट्रीय दैनिक
ताज़ा हलचल:
मार्केट लाइव:
सेंसेक्स (BSE) 81,028.02 +1718.01 (+2.17%)
निफ्टी 50 25,030.35 +493.75 (+2.01%)
सोना (24K) ₹78,850 +240
चांदी (1kg) ₹93,400/kg +450
पेट्रोल (दिल्ली) ₹94.72/L
डीजल ₹87.62/L
USD/INR ₹93.91
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store
breaking तथ्य सत्यापित (Fact Checked) 2 मिनट का समय 0 बार पढ़ा गया
भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

साफ़ हवा के लिए जिन शहरों को मिले अवार्ड, वहां एक्यूआई ख़राब क्यों

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: रवि, 8 नव॰ 2026, 06:22 am
समाचार एजेंसी BBC Hindi
यह ख़बर सुनें (AI ऑडियो) ऑडियो

प्ले बटन दबाकर पूरी ख़बर आवाज़ में सुनें

साफ़ हवा के लिए जिन शहरों को मिले अवार्ड, वहां एक्यूआई ख़राब क्यों
इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store

बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान की एक टीम ने उन शहरों में हवा की गुणवत्ता पर एक स्टडी की है, जिन्हें अवॉर्ड मिले लेकिन वहां एक्यूआई में सुधार नहीं दिखा.

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस (आईआईएससी) की एक टीम ने हवा की गुणवत्ता को लेकर एक विश्लेषण किया है जो उन शहरों के बारे में है, जिन्हें साफ़ हवा के लिए उठाए गए कदम के लिए पुरस्कार मिले हैं
  • इसमें कहा गया है कि सिर्फ़ पुरस्कार मिल जाने से यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि उन शहरों के लोग साफ़ हवा में सांस ले रहे हैं
  • अच्छे एक्यूआई के लिए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में कुल 10 शहरों को पुरस्कार दिए गए

इसमें कहा गया है कि सिर्फ़ पुरस्कार मिल जाने से यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि उन शहरों के लोग साफ़ हवा में सांस ले रहे हैं

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

अच्छे एक्यूआई के लिए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में कुल 10 शहरों को पुरस्कार दिए गए

इनमें तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों से लेकर 10 लाख से ज़्यादा आबादी वाले शहर तक शामिल थे

ये अवॉर्ड पिछले पाँच साल से दिए जा रहे हैं

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

इस अवॉर्ड का मक़सद उन 131 शहरों को हवा सुधारने के लिए प्रोत्साहित करना था, जो 2011 से 2015 के दौरान नेशनल एम्बिएंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (एनएएक्यूएस) को पूरा करने में नाकाम रहे थे

हालांकि, भारतीय विज्ञान संस्थान की स्टडी में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) के तहत अपनाए गए सिस्टम और अवॉर्ड देने के मानदंड पर सवाल उठाए गए हैं

आईआईएससी की सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेशन लैब के संयोजक प्रोफ़ेसर आशीष वर्मा ने बीबीसी न्यूज़ हिंदी से कहा, "मौजूदा कार्यप्रणाली वास्तविक प्रदूषण के स्तर का आकलन नहीं करती है

इसका ज़्यादा ध्यान इस बात पर होता है कि प्रशासन ने तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया या नहीं."

दरअसल, इस मूल्यांकन के तरीक़े में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से जारी किया जाने वाला एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) भी शामिल नहीं किया जाता

रिपोर्टिंग स्रोत: BBC Hindi मूल रिपोर्ट देखें

💬 इस ख़बर पर आपकी क्या राय है?

अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करें (1-क्लिक वोट)

यह जानकारी कैसी लगी? अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:

इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)

📢 ऐसी ही हर बड़ी ताज़ा ख़बर सीधे टेलीग्राम पर पाएं

बिना किसी देरी के सबसे पहले अपडेट्स के लिए हमारे ग्रुप से जुड़ें।

चैनल जॉइन करें
TaazaWire App Icon

TaazaWire App FREE

1-क्लिक में होमस्क्रीन पर जोड़ें और सबसे तेज़ ख़बरें पायें