पिछले सप्ताह हुए चुनाव में न तो प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की पार्टी के अगुवाई वाले गठबंधन को बहुमत नहीं मिल सका.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- इसराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने कहा है कि वह विपक्षी नेता गादी आइज़नकोट को नई गठबंधन सरकार बनाने का जिम्मा सौंपेंने का फ़ैसला किया है
- पिछले सप्ताह हुए चुनाव के बाद न तो गादी आइज़नकोट के अगुवाई वाले गठबंधन को और न ही प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की पार्टी के गठबंधन को सरकार बनाने के लिए ज़रूरी बहुमत हासिल हुआ था
- इसके बाद राष्ट्रपति कई राजनीतिक पार्टियों से बातचीत कर रहे थे
पिछले सप्ताह हुए चुनाव के बाद न तो गादी आइज़नकोट के अगुवाई वाले गठबंधन को और न ही प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की पार्टी के गठबंधन को सरकार बनाने के लिए ज़रूरी बहुमत हासिल हुआ था
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
इसके बाद राष्ट्रपति कई राजनीतिक पार्टियों से बातचीत कर रहे थे
गादी आइज़नकोट के पास अब नई सरकार बनाने की कोशिश करने के लिए 28 दिन होंगे, जिसमें 14 दिन का संभावित विस्तार भी शामिल है
आइज़नकोट ने एक्स पर लिखा, "अब राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने का समय आ गया है
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
मैं यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा कि हम इसके योग्य हों."
इसराइल में आज तक किसी भी राजनीतिक दल को संसद में पूर्ण बहुमत नहीं मिला है
यही वजह है कि वहां की सभी सरकारें गठबंधन के आधार पर बनी हैं
नेतन्याहू की दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी और उसके धुर दक्षिणपंथी और धुर-रूढ़िवादी यहूदी सहयोगियों ने 120 सीटों वाली संसद में 53 सीटें जीतीं, जबकि आइज़ेनकोट की मध्यमार्गी याशर पार्टी और उनके गठबंधन की तीन अन्य यहूदी विपक्षी पार्टियों ने 48 सीटें जीतीं
अरब मतदाताओं की भारी भागीदारी के बाद, अरब नेतृत्व वाले दो गठबंधनों, यूनाइटेड अरब लिस्ट (रा'म) और जॉइंट लिस्ट ने मिलकर 19 सीटें जीतीं