अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का उद्घाटन हुआ, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का उद्घाटन हुआ, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है।
- तवांग में 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का भव्य उद्घाटन
- जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
तवांग में 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का भव्य उद्घाटन
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
माला दीक्षित, तवांग। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में गुरुवार को पूर्वोत्तर क्षेत्र के 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट (आईटीएम) का उद्घाटन हुआ। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ओर से अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के सहयोग से आयोजित इस तीन दिवसीय आयोजन का उद्देश्य पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है।
इस आयोजन में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े घरेलू और विदेशी खरीदारों, विक्रेताओं, उद्यमियों और अन्य हितधारकों के शामिल होने से कारोबारी साझेदारी को मजबूत करने के अवसर मिलेंगे।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
इस मौके पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि पर्यटन केवल किसी स्थल को देखने के लिए नहीं है बल्कि ये संस्कृतियों को जोड़ता है और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास होता है।
उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू व सिक्कम के मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
शेखावत ने उद्धघाटन संबोधन में पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं को उकेरते हुए कहा कि भारत की विविधिता ही भारत की शक्ति है। और इस भारत की अद्भुद विविधिता का सबसे सुंदर स्वरूप अगर हमें कहीं देखने को मिलता है तो वो है हमारा पूर्वोत्तर भारत।
ये वो धरती है जहां प्रकृति अपने पूर्ण सौन्दर्य के साथ उपस्थित है। जहां हिमालय पर्वत न केवल भारत के सुरक्षा प्रहरी के रूप में अपितु हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रहरी के रूप में उपस्थिति है जहां बौद्ध परंपराएं शांति और साथ साथ में यहां के लोकल कम्युनिटी की संस्कृति, प्रकृति की यहां अनुपम सुंदरता और ये सब मिलकर के एक ऐसी अनुभव रचना करती हैं जिसका शब्दों में पूरी तरह से बयान नहीं किया जा सकता।
प्रेस से बातचीत में केंद्रीय पर्यटन मंत्री और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सवालों के जवाब भी दिए। अरुणाचल प्रदेश में बार्डर पर तनाव के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में शेखावत ने स्पष्ट कहा कि ये तय मान कर रखिये ये नरेन्द्र मोदी का भारत है यहां सीमाएं सुरक्षित हैं और किसी तरह की चिंता की बात नहीं है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी कहा कि टुरिजम के नजरिये से स्थिति सामान्य है।