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भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

दिवाली 2026 शुभ संयोग: आज दीपावली पर पूजा के मिलेंगे 4 शुभ मुहूर्त, जानें लक्ष्मी पूजन विधि और खास उपाय

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: रवि, 8 नव॰ 2026, 12:42 am
समाचार एजेंसी Amar Ujala
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दिवाली 2026 शुभ संयोग: आज दीपावली पर पूजा के मिलेंगे 4 शुभ मुहूर्त, जानें लक्ष्मी पूजन विधि और खास उपाय
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Diwali 2026 Tithi Lakshmi Puja Muhurat: दिवाली 2026 का पर्व 8 नवंबर को मनाया जा रहा है। जानें अमावस्या तिथि का प्रारंभ और समापन समय, दिवाली की सही तारीख और अमावस्या का महत्व।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • Diwali 2026 Tithi Lakshmi Puja Muhurat: अमावस्या तिथि 8 नवंबर रविवार को सुबह 11 बजकर 29 मिनट से शुरू हो जाएगी और 09 नवंबर सोमवार को सुबह 11 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर कार्तिक अमावस्या तो 09 नवंबर को होगी, लेकिन अमावस्या तिथि में प्रदोष काल 08 नवंबर को प्राप्त हो रहा है, 09 नवंबर को प्रदोष काल के समय शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। इस वजह से इस साल दीपावली का त्योहार 08 नवंबर रविवार को मनाया जाएगा। 9 नवंबर को स्नान दान की सोमवती अमावस्या रहेगी।
  • उत्तर दिशा में पूजा- माना जाता है कि उत्तर दिशा धन की दिशा होती है और मां लक्ष्मी जिनकी पूजा दीवाली के दिन होती है, धन की देवी मानी गई हैं इसीलिए दीवाली की पूजा उत्तर दिशा या फिर उत्तर-पूर्व दिशा में ही करनी चाहिए। इसके मुताबिक पूजा करने वाले का मुख घर की उत्तर या पूर्व दिशा में होना चाहिए।
  • हर बार बदले मूर्तियां- हर साल दीवाली पूजन में इस्तेमाल की जाने वाली लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियां नई होनी चाहिए। पुरानी मूर्तियों को इस्तेमाल में नहीं लाना चाहिए, लेकिन अगर आपके पास चांदी की मूर्तियां हैं तो दोबारा उन्हें गंगाजल से साफ करके इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

उत्तर दिशा में पूजा- माना जाता है कि उत्तर दिशा धन की दिशा होती है और मां लक्ष्मी जिनकी पूजा दीवाली के दिन होती है, धन की देवी मानी गई हैं इसीलिए दीवाली की पूजा उत्तर दिशा या फिर उत्तर-पूर्व दिशा में ही करनी चाहिए। इसके मुताबिक पूजा करने वाले का मुख घर की उत्तर या पूर्व दिशा में होना चाहिए।

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

हर बार बदले मूर्तियां- हर साल दीवाली पूजन में इस्तेमाल की जाने वाली लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियां नई होनी चाहिए। पुरानी मूर्तियों को इस्तेमाल में नहीं लाना चाहिए, लेकिन अगर आपके पास चांदी की मूर्तियां हैं तो दोबारा उन्हें गंगाजल से साफ करके इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

लाल रंग का इस्तेमाल - कहते हैं देवी को लाल रंग अति प्रिय होता है इसीलिए दीवाली की पूजा में लाल रंग की वस्तुओं का इस्तेमाल विशेष तौर से करना चाहिए, जैसे इस दिन पूजा के दौरान देवी को लाल रंग के कपड़े, लाल रंग के फूल, लाल श्रृंगार अर्पित करें। इससे मां को प्रसन्न किया जा सकता है।

रोली से बनाएं स्वास्तिक - पूजा घर में दोनों तरफ रोली से स्वास्तिक का निर्माण करना भी शुभ माना जाता है। कहते हैं स्वास्तिक भगवान गणेश का ही स्वरूप होता है। जो अत्यंत शुभ फल देने वाला माना गया है ,इससे घर में मौजूद तमाम तरह की नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है |

रिपोर्टिंग स्रोत: Amar Ujala मूल रिपोर्ट देखें

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